English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-02-22 074715

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने पिता को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा हुआ किस्सा सुनाया है। उन्होंने बताया है कि कैसे इंदिरा गांधी ने उनके पिता को पद से हटा दिया था।

 

उन्होंने बताया कि मेरे पिता ब्यूरोक्रेट थे जो सचिव बन गए थे लेकिन उन्हें उनके सचिव पद से हटा दिया गया। 1980 में जब इंदिरा गांधी फिर से चुनी गईं, तो वे पहले सचिव थे जिन्हें उन्होंने हटाया था। उन्होंने नौकरशाही में अपने करियर को थमते हुए देखा। राजीव गांधी काल में भी उन्हें दबाने का काम किया गया था।

न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने अपने सफर पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे नौकरशाही से वो राजनीति में आए। जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव थे और इससे पहले उन्होंने चीन और अमेरिका सहित प्रमुख देशों में राजदूत के पदों पर काम किया था। 2019 में जब मोदी सरकार की सत्ता में वापसी हुई तो पीएम मोदी ने उन्हें अपने कैबिनेट में जगह दी और विदेश मंत्री बनाया।

Also read:  भारत ने अमेरीका से 30 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने की योजना को किया रद, भारत रक्षा उपकरणों का निर्माण स्वदेसी तकनीकी पर करना चाहता

उनके पिता के सुब्रह्मण्यम को भारत के सबसे प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतिकारों में से एक माना जाता है. 2011 में उनका निधन हो गया। अपने पिता के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता एक नौकरशाह थे, वो सचिव बन गए थे, लेकिन उन्हें सचिव पद से हटा दिया गया था। वह उस समय 1979 में जनता सरकार में शायद सबसे कम उम्र के सचिव बने। 1980 में वो डिफेंस प्रोडक्शन में सेक्रेटरी थे। 1980 में जब इंदिरा गांधी फिर से प्रधानमंत्री चुनी गईं, तो वह पहले सचिव थे जिन्हें हटाया गया था. वह रक्षा पर सबसे अधिक जानकार व्यक्ति थे।

Also read:  जो दिल्ली में घुसने नहीं देना चाहते वो वोट मांग रहे हैं-PM Modi

बड़े भाई सचिव बने तो पिता को बहुत गर्व हुआ: जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि उनके पिता भी बहुत ईमानदार व्यक्ति थे, हो सकता है कि समस्या इसी वजह से हुई हो, मुझे नहीं पता। लेकिन तथ्य यह था कि नौकरशाही में उन्होंने अपने करियर को एक तरह से रुकते हुए देखा था। उसके बाद वो फिर कभी सचिव नहीं बने। उन्हें राजीव गांधी काल के दौरान किसी जूनियर व्यक्ति को उनकी जगह पर कैबिनेट सचिव बना गया था. यह कुछ ऐसा था जिसे वो महसूस करते थे। हमने शायद ही कभी इसके बारे में बात की हो। इसलिए जब मेरे बड़े भाई सचिव बने तो उन्हें बहुत- बहुत गर्व हुआ।

Also read:  कोरोना की रफ्तार में हुआ इजाफा, पिछले 24 घंटों में 2529 नए मामले आए सामने

चीन में पहली बार मोदी से मिले थे जयशंकर

मोदी सरकार में मंत्री बनने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे कैबिनेट में शामिल होने के लिए कहा। 2011 में चीन में मेरी उनसे पहली मुलाकात हुई थी। वो गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वहां आए थे। सच कहूं तो उन्होंने मुझ पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला था. 2011 तक मैंने कई मुख्यमंत्रियों को आते-जाते देखा था, लेकिन मैंने किसी को उनसे ज्यादा तैयार होकर आते नहीं देखा था।