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नई दिल्ली: 

एक दिन पहले तक करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी और विराट कोहली (Virat Kohli) के चाहने वाले कुछ और ही सपने पाले हुए थे, लेकिन एडिलेड में शनिवार को खत्म हुए पहले टेस्ट के तीसरे दिन (Day 3) के डेढ़ घंटे के खेल के  भीतर ही कोहली के विराट सपनों की दुनिया ने एकदम यूटर्न ले लिया. और विराट कोहली (Virat Kohli) कड़वी यादों के साथ भारत लौटेंगे. और भारतीय कप्तान कोहली के लिए भारत के लिए करियर शुरू करने से लेकर अब तक यह पहला साल रहा, जब उनका कोई साल बिना शतक के गुजरा और यह बात भी विराट कोहली (Virat Kohli) के चाहने वालों को सालती रहेगी.

इस साल में विराट कोहली का बेस्ट स्कोर 89 रन रहा और कोविड-19 के कारण उन सहित टीम इंडिया को ज्यादा मैच खेलने को नहीं मिले, तो अब जब जैसे-तैसे शुरुआत हुई, तो उन्हें पारिवारिक कारणों के चलते पहला टेस्ट खेलने के बाद ही भारत लौटना पड़ा. कोहली के चाहने वाले उम्मीद कर रहे थे कि ऐसे में कोहली खुशनुमा यादों के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत के लिए रवाना होंगे. एडिलेड की पहली पारी में यह उम्मीद दिखाई भी पड़ी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वह रन आउट हो गए और ऐसे में यह सपना भी चूर हो गया.

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वैसे साल 2020 में कोहली ने सिर्फ 9 वनडे, 3 टेस्ट और 10 टी20 मुकाबले ही खेले. इस ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले विराट ने अपना आखिरी टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड दौरे में खेला था. कुल मिलाकर कोहली के लिए साल 2020 अच्छा नहीं रहा. भारत को वनडे में लगातार 5 हार झेलनी पड़ीं. तीन न्यूजीलैंड के खिलाफ, तो दो ऑस्ट्रेलिया में.  मानो यही काफी नहीं था, तो एडिलेड टेस्ट में भारत को अपना सर्वकालिक न्यूनतम स्कोर बनाने का कड़वा घूंट पीना पड़ा. तीसरे दिन भारत की दूसरी पारी आश्चर्यजनक रूप से सिर्फ 36 रन पर सिमट गयी. भारत ने तीसरे दिन 1 विकेट पर 9 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन पहले ही सेशन में अगले 27 रन के भीतर मोहम्मद शमी के रिटायर्ड हर्ट होने के साथ ही भारत की पारी सिमट गयी. इसके अलावा विराट कोहली के साथ ऐसा 26 टेस्ट में पहली बार हुआ, जब उन्होंने टॉस जीता, लेकिन मैच नहीं जीता.

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