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छात्रों ने आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए ‘आजादी गौरव सभा’ आयोजित करने की योजना बनाई थी। प्रॉक्टर ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया।


देशभर में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आज से हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Campaign) की शुरूआत हो चुकी है। इस अवसर जहां एक तरफ पूरे देश में स्वतंत्रता के इस महान पर्व को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वहीं, राजधानी दिल्ली (Delhi) में स्थित देश के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में से एक जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में विवाद हो गया है।

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विवाद की वजह जामिया कैंपस (Jamia Campus) में छात्रों को आजादी का जश्न मनाने की इजाजत नहीं दिए जाने को बताया जा रहा है। जिसे लेकर छात्रों और जामिया प्रशासन के बीच विवाद हो गया है।

छात्रों ने जामिया प्रशासन पर लगाया ये आरोप

सरकार ने सभी लोगों से अपने घरों समेत प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया है। जामिया मिल्लिया के छात्रों ने भी इस अवसर पर जामिया कैंपस में एक कार्यक्रम करने की योजना बनाई थी। जिसे लेकर विवाद हो गया है। छात्रों ने कहा, “हमने आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए ‘आजादी गौरव सभा’ आयोजित करने की योजना बनाई थी।”

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कार्यक्रम 12 अगस्त शाम 5 बजे था लेकिन शाम साढ़े चार बजे प्रॉक्टर ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया। छात्र प्रॉक्टोरियल कार्यालय गए और कई बार अनुमति लेने का अनुरोध किया। छात्रों का आरोप है कि प्रॉक्टर ऑफिशल्स की तरफ से कहा गया कि “अगर आप देशभक्ति के लिए इस तरह के कार्यक्रम करना चाहते हैं, तो जंतर-मंतर पर जाएं।”

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छात्रों के खिलाफ लिया गया ये एक्शन

छात्रों ने कैंपस में ही कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया, आजादी का जश्न मनाया। एनएसयूआई (NSUI) छात्र अब्दुल हमीद और एक अन्य छात्र को प्रॉक्टोरियल कार्यालय ले जाया गया जहां हमीद का आईडी कार्ड ले लिया गया और कहा कि 15 अगस्त तक उनके कैंपस में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जामिया इस पूरे मामले पर केरल के कांग्रेस सांसद टीएन प्रथपन ने प्रधानमंत्री, ग्रह मंत्री और शिक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी है।