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पीएम मोदी ने कहा कि, इंदौर के लोगों को अपने शहर की सेवा करना भी आता है। आज का दिन स्वच्छता के लिए, इंदौर के अभियान को एक नई ताकत देने वाला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंदौर में बने एशिया के सबसे बड़े गोबर धन प्लांट का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि, समय के साथ इंदौर बदला। ज्यादा अच्छे के लिए बदला।

लेकिन, देवी अहिल्या जी की प्रेरणा को इंदौर ने कभी भी खोने नहीं दिया। देवी अहिल्या जी के साथ ही इंदौर का नाम आते ही आज मन में स्वच्छता आती है। इंदौर का नाम आते ही नागरिक कर्तव्य मन में आता है। जितने अच्छे इंदौर के लोग होते हैं, उतना ही अच्छा उन्होंने अपने शहर को बना दिया है।

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सिर्फ शेव नहीं सेवा करना भी आता है
पीएम मोदी ने कहा कि इंदौर के लोग सिर्फ सेव के शौकीन नहीं है। यहां के लोगों को अपने शहर की सेवा करना भी आता है। आज का दिन स्वच्छता के लिए है। इंदौर के अभियान को एक नई ताकत देने वाला है। इंदौर को आज गीले कचरे से बायोसीएनजी बनाने का जो गोबर धन प्लांट मिला है, उसके लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई।

शिवराज, सुमित्रा ताई की तारीफ
पीएम मोदी ने इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि, शिवराज और उनकी टीम के सदस्यों की तारीफ करना चाहूंगा, जो उन्होंने कम समय में इसे संभव बनाया। सुमित्रा ताई का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जिन्होंने इंदौर की पहचान को नई ऊंचाई को पहुंचाया। शंकर लालवानी भी उनके नक्शे-कदम पर इंदौर को आगे बढ़ाने, बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

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काशी धाम में रखी गई अहिल्या बाई की प्रतिमा
पीएम ने इस दौरान संसदीय क्षेत्र वाराणसी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, मुझे खुशी है कि काशी विश्वनाथ धाम में देवी अहिल्या बाई होल्कर जी की बहुत सुंदर प्रतिमा रखी गई है। इंदौर के लोग जब बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने जाएंगे, तो वहां देवी अहिल्या बाई की मूर्ति भी दर्शन के लिए मिलेगी। आपको अपने शहर पर और भी गर्व होगा।

दूसरे शहरों को प्रेरणा देगा गोबर धन प्लांट
पीएम ने कहा कि, अपने शहरों को प्रदूषण मुक्त रखने और गीले कचरे के निस्तारण के लिए आज का यह प्रयास बेहद अहम है। शहर में घरों से निकला गीला कचरा, गांवों में पशुओं, खेतों से मिला कचरा हो, यह सब एक तरह से गोबर धन ही है। शहर के कचरे और पशुओं के से गोबरधन और गोबरधन से स्वच्छ ईंधन। उससे यह जीवनधन का निर्माण करती है। इस शृंखला की प्रत्येक कड़ी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। इंदौर का यह गोबरधन प्लांट दूसरे शहरों को प्रेरणा देगा। दो वर्षों में 75 बड़े नगर निकायों में इस प्रकार के बायो सीएनजी प्लांट बनाने का काम किया जा रहा है। यह अभियान भारत के शहरों को स्वच्छ बनाने, प्रदूषण रहित बनाने, क्लीन एनर्जी की दिशा में बहुत मदद करेगा।