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 श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशन करने वाले जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

कहा कि वे भाजपा के सिंबल पर अयोध्या विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं, यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है तो ठीक है। नहीं तो मैं स्वतंत्र रुप नामांकन करूंगा। मैं टिकट नहीं मांगूंगा, मैं धर्माचार्य हूं। उन्हें मुझसे पूछने आना चाहिए। मैं किसी भी तरह से बहुमत से जीतूंगा।

परमहंस ने कहा कि हम साधु और संतों को योगी के बारे में पता चला कि वह अयोध्या विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे तो संतों में खुशी का माहौल था। लेकिन जब से बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर से टिकट दिया है तो वह निराश हैं। क्योंकि अयोध्या में कोई जनप्रतिनिधि दिखाई नहीं दे रहे हैं जो संतों की बात को उठाए और उनकी समस्याओं को सुने। लिहाजा उन्होंने चुनाव में उतरने का फैसला किया है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब मौलवियों को सरकार पेंशन दे सकती है तो साधु और संतों को सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि वह संतों और संत समाज के मुद्दों पर चुनाव में उतरेंगे। कहा कि चुनाव में मेरा मुद्दा होगा कि मठों का बिजली-पानी फ्री होना चाहिए। संतों को उचित सम्मान मिले। मौलवियों को अगर वेतन मिल सकता है तो हमारे संतों को वेतन क्यों नहीं मिलता है। संतों ने देश के आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। यह तभी संभव है जब इनकी विचारधारा का एक जनप्रतिनिधि हो। गौरतलब है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर छावनी पीठाधीश्वर परमहंस आचार्य अनशन भी कर चुके हैं और वह संतो के मुद्दों पर हमेशा ही मुखर रहते हैं।

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बीजेपी से लड़ना चाहते हैं चुनाव
परमहंस आचार्य ने कहा कि वह अयोध्या विधानसभा से बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो ठीक है। नहीं तो वह निर्दलीय नामांकन दाखिल करेंगे। मैं टिकट नहीं मांगूंगा, मैं धर्माचार्य हूं। उन्हें मुझसे पूछने आना चाहिए। मैं किसी भी तरह से बहुमत से जीतूंगा।