English മലയാളം

Blog

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप सामने आए है। महाभियोग की जांच में बरी होने के कुछ हफ्ते बाद एक कार्यक्रम में आए डोनाल्ड ट्रंप ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वो नई पार्टी नहीं बनाएंगे।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन प्रशासन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति ‘अमेरिका लास्ट’ में पहुंच गई है। कन्जर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (सीपीएसी) 2021 की बैठक फ्लोरिडा में आयोजित की गई। इस बैठक में बोलते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ”आज से चार पहले हमने जो यात्रा शुरू की थी, वो अभी खत्म नहीं हुई है। यहां हम अपने भविष्य, देश के भविष्य और आगामी कदम के भविष्य के बारे में बात करने आए हैं।”

Also read:  तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार को दी अपने खिलाफ लड़ने की चुनौती

बता दें कि ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत भीड़ से यह पूछ कर की कि क्या आपने मुझे याद किया?  इसके जवाब में उनके समर्थक की भीड़ ने बेहद उतावले अंदाज में जवाब दिया, हां। भीड़ में ज्यादातर लोग बिना मास्क पहने नजर आ रहे थे। डोनाल्ड ट्रंप ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह फर्जी खबर है। ट्रंप ने कहा, नई पार्टी बनाने से हमारे वोट बंट जाएंगे और हम कभी जीत नहीं पाएंगे।

Also read:  दिल्ली में छठ पूजा समारोह आयोजित करने की अनुमति नहीं, हाईकोर्ट ने इजाजत देने से किया इनकार

ट्रंप ने राष्ट्रपति जो बाइडन के शुरुआती फैसलों खास कर प्रवासी नीति की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि हम लोग सभी रिपब्लिकन पार्टी के हैं और पार्टी पहले से ज़्यादा मजबूत और एकजुट होगी। ट्रंप ने इस भाषण में एक बार फिर राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होने की बात को दोहराया। साथ ही ट्रंप ने 2024 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए। ट्रंप ने कहा कि हम चुनाव में जीते थे, लेकिन डेमोक्रेट्स ने धांधली की। कौन जानता है कि तीसरी बार भी हम उन्हें हरा दें।

Also read:  गुजरात से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने घोषित किए अपने उम्मीदवार

ट्रंप ने कहा, ”हम सब जानते हैं कि बाइडन प्रशासन क्या करने वाला है, लेकिन इस हद तक इस सरकार में बुरा होगा इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। यह सरकार इस हद तक वामपंथी एजेंडे के साथ जाएगी, ये किसी को अंदाज़ा नहीं था। यह अमेरिका को पीछे लेकर जा रही है।”