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पटना: 

बिहार विधान सभा चुनावों  (Bihar Assembly Elections 2020) में बहुमत प्राप्त करने वाला एनडीए गठबंधन अब दीवाली बाद अपना नया नेता चुनेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर बुलाई गई बैठक 15 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि अब 15 नवंबर यानी रविवार को दोपहर 12.30 बजे एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. हालांकि, आज मौजूदा नीतीश कैबिनेट की आज बैठक बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा विधान सभा भंग करने पर मुहर लगाई जाएगी. मुख्यमंत्री अब दीवाली बाद राज्यपाल से नई सरकार के गठन पर मुलाकात करेंगे.

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मंगलवार को आए चुनावी नतीजों में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन को 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 125 सीटें आई हैं. एनडीए में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को 74 जबकि जेडीयू को 43 सीटें मिली हैं. 2015 में जेडीयू को 71 सीटें मिली थीं. इनके अलावा गठबंधन में वीआईपी और हम को चार-चार सीटें मिली हैं.

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इससे पहले सातवीं बार राज्य का मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर नीतीश कुमार ने कहा था कि इसका फैसला एनडीए विधायक दल करेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने खुद कभी ये दावा नहीं किया कि वही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. चुनाव बाद नीतीश कुमार ने गुरुवार को पहली बार नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की थी और फिर मीडियाकर्मियों से भी बात की थी.

नीतीश कुमार ने पत्रकारों से ये भी कहा कि वो अंहकारी नहीं हैं. बार-बार अभिमानी या अंहकारी होने का आरोप लगाए जाने पर नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर जवाब देते हुए कहा, “कृपया, मुझे अभिमानी मत कहिए.” बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार की कई सभाओं में हंगामा हुआ. एक रैली में तो उन पर प्याज भी फेंके गए. आरोप लगा कि नीतीश कुमार के खिलाफ बहुत जनाक्रोश है लेकिन नीतीश कुमार ने ऐसी अटकलों को खारिज किया है.