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च्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। पिछले 1 महीने से दुनिया में बढ़ती महंगाई और OPEC+ कंट्री के तेल सप्लाई को कट करने की संभावना के कारण कच्चे तेल की कीमत बहुत बढ़ गई थी।

 

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत सोमवार को 0.3 पर्सेंट की गिरावट के साथ 104.70 डॉलर प्रति बैरल रहा। जबकि ब्रेंट क्रूड ऑयल के कीमत में सोमवार को 4.1 पर्सेंट का इजाफा देखने मिला था। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड ऑयल की कीमत भी सोमवार को 0.2 पर्सेंट की गिरावट के साथ 96.79 डॉलर प्रति बैरल रहा।

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बढ़ती महंगाई की वजह से बढ़ रहे कच्चे तेल के दाम

दुनिया के बहुत सारे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में महंगाई double-digit तक पहुंच गया है। पिछले 50 सालों में कच्चे तेल की कीमतों में इतना इजाफा नहीं देखा गया है। दूसरी ओर अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित यूरोप के कई केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों में चिंता का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच रूस के तेल उत्पादन में काफी इजाफा हो गया। हालांकि पश्चिमी देशों की प्रतिबंधों के कारण लंबे समय तक ऐसा करना संभव नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि IEA के सदस्य देश जरूरत पड़ने पर स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व (SPR) से तेलों की सप्लाई कर सकते हैं।

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तेल उत्पादन में कमी ला सकता है सऊदी अरब

हाल ही में ईरान ने ऑयल मार्केट में वापस आने की बात कही है। अब ईरान चाहता है कि वह वर्ल्ड पावर के साथ अपना न्यूक्लियर डील सिक्योर कर ले। ईरान के इस कदम के बाद से ही सऊदी अरब ने OPEC देशों को तेल के उत्पादन में कमी लाने को कहा है। पिछले सप्ताह ही OPEC देशों के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती करने के संकेत दिए थे। OPEC+ जिसमें OPEC कंट्री के अलावा रूस और अन्य कच्चे तेल के उत्पादक देश पॉलिसी निर्धारण के लिए 5 सितंबर को बैठक करेंगे।

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