English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-05-11 085540

देश के 10 राज्यों में हिंदुओं की संख्या कम होने के बाद भी अल्पसंख्यक वर्ग का लाभ नहीं मिलने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। 

कोर्ट ने विभिन्न राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए तीन महीने का समय दिया है, जहां वे अन्य समुदायों से संख्या में कम हैं। इससे संबंधित में भाजपा नेता सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान ये बातें कही।

 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को मिले नोटिस के जवाब में केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार को एक हलफनामा देकर कहा था कि अल्पसंख्यकों को अधिसूचित करने की शक्ति केंद्र सरकार के पास है इस संबंध में कोई भी निर्णय राज्य सरकार अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। इसपर कोर्ट ने सरकारी पक्ष से कहा कि हलफनामे को अंतिम रूप देने से पहले विचार करना चाहिए था।

Also read:  सतीश कौशिक के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़, नहीं कर पा रहे हैं यकीन

इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र से राज्यों के साथ परामर्श प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। पीठ ने केंद्र से कहा कि जिन राज्यों में हिंदुओं की संख्या अन्य समुदायों से कम है, वहां हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने के संबंध में राज्यों के साथ परामर्श करना चाहती है, तो उसे ऐसा करना चाहिए।

Also read:  3 नेताओं ने महबूबा मुफ़्ती की पार्टी को छोड़ दिया, कहा की उनकी टिप्पणी से देशभक्त‍ि की भावनाएं आहत हुईं

राज्यों में कम आबादी वाले समुदायों को दें अल्पसंख्यक का दर्जा

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि कुछ राज्यों में जहां हिंदू या अन्य समुदाय कम संख्या में हैं, उन्हें अपने स्वयं के क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय घोषित कर सकते हैं, ताकि वे अपने संस्थानों की स्थापना प्रशासन कर सकें। लिहाजा, केंद्र सरकार के नए हलफनामे पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही पीठ ने केंद्र से कहा कि जिन राज्यों में हिंदुओं की संख्या अन्य समुदायों से कम है, वहां हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने के संबंध में राज्यों के साथ परामर्श करना चाहती है, तो उसे ऐसा करना चाहिए।

Also read:  IMD Himachal Weather Update: हिमाचल के कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, शिमला नेशनल हाईवे बंद, शिमला और मंडी में दो दिन स्कूल और कॉलेज बंद

केंद्र में छह समुदायों को प्राप्त है अल्पसंख्यक का दर्जा

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि केंद्र ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 2सी के तहत छह समुदायों को अल्पसंख्यक समुदायों के रूप में अधिसूचित किया है।