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 केरल की एक अदालत ने पांच साल पहले कोल्लम जिले में एक विद्यालय के चार किशोरों का यौन शोषण (Sexually Abusing) करने के मामले में एक पादरी को 18 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

 

अदालत ने चेन्नई स्थित एसडीएम विद्यालय के सदस्य फादर थॉमस पारेकुलम (35) को कोट्टाराक्कारा क्षेत्र के पुथूर में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं के तहत दर्ज मामले में शुक्रवार को दोषी पाया। घटना के समय सभी पीड़ित किशोर 16 वर्ष के थे और जिले के पुल्माला में एक विद्यालय के छात्र थे, जहां आरोपी ‘रेक्टर’ के रूप में काम कर रहा था।

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो), के. एन. सुजीत ने पादरी को तीन मामलों में पांच-पांच साल (तीनों सजा की अवधि मिलाकर 15 साल) और चौथे मामले में तीन साल की सजा सुनाते हुए प्रत्येक मामले में (पीड़ितों को) एक-एक लाख रुपये का मुआवजा अदा करने का भी आदेश दिया।

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जिला लोक अभियोजक के कार्यालय ने बताया कि पुलिस हिरासत से फरार हुए आरोपी को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। कार्यालय ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में बाल कल्याण समिति द्वारा प्राप्त एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच की गई।

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