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 दोबारा भाजपा सरकार बनने पर तहसील के महुआ ब्लाक की ग्राम पंचायत बड़ेहा के मजरा हजाउरीपुर निवासी चाचा-भतीजे लेटी परिक्रमा कर लखनऊ के लिए निकले थे।

 

दो दिन पहले ही गांव लौटे। बताया कि मुख्यमंत्री के यहां अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगाई थी। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह मातहतों के साथ पहुंचे और दोनों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। सनद रहे कि हजारीपुर निवासी रिश्ते में चाचा-भतीजे मुन्नीलाल व जयपाल ने दोबारा भाजपा सरकार बनने पर लेटी परिक्रमा (पैदल व लेटकर) कर लखनऊ जाने का संकल्प लिया था। दोनों गांव से बैनर के साथ स्वजन के साथ निकले थे, तब गांव वालों ने ढोल-नगाड़े के बीच विदा किया था। दोनों दो दिन पहले ही गांव लौटे। बताया कि सीएम के यहां अपनी समस्याओं को लेकर शिकायती पत्र भी दिया था।

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दो द‍िन पहले आयुक्त दिनेश कुमार सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। भतीजे जयपाल और उसके चाचा मुन्नी लाल से बातचीत की। दोनों ने बताया कि उन लोगों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वह भूमिहीन हैं और शौचालय, आवास, राशन कार्ड आदि से वंचित हैं। कमिश्नर ने दोनों को तत्काल दो-दो हजार रुपये अपने पास से दिए और बीडीओ महुआ संजीव बघेल को सभी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया।

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एसडीएम रावेन्द्र सिंह को गांव में कहीं पर भी सरकारी जमीन पड़ी हो पट्टा कर देने के निर्देश दिए। जयपाल के राशन कार्ड की 11 यूनिट दर्ज थी, जिस पर तीन बढ़ाकर 14 की गई। इसी प्रकार मुन्नीलाल सात यूनिट दर्ज थी, जिसमें चार यूनिट बढ़ाई गई। बीडीओ ने बताया दोनों लोगों को शौचालय तत्काल मुहैया करा दिया गया है।

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ऐसे पहुंचे लखनऊ : चाचा-भतीजे केगांव से मुख्यमंत्री कार्यालय की दूरी करीब 250 किलोमीटर है, सिर्फ लेटकर दोनों ने यह सफर कैसे पूरा किया? इस पर उन्‍होंने बताया कि वह दिन और रात में सिर्फ 2-2 घंटे आराम करते थे, कोशिश यह होती थी रात में ज्यादा तय कर ली जाए।