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नई दिल्ली: 

वैश्विक निजी इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक (General Atlantic) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की रिटेल शाखा रिलायंस रिटेल में 0.84 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 3,675 करोड़ रुपये का निवेश किया है. अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली RIL ने बुधवार को एक बयान में कहा कि जनरल अटलांटिक रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड में निवेश करेगी. रिलायंस रिटेल में इस महीने की शुरुआत में अमेरिका स्थित निजी इक्विटी फर्म सिल्वर लेक ने 7,500 करोड़ रुपये निवेश करके 1.75 प्रतिशत हिस्सेदारी और वैश्विक निजी इक्विटी फर्म केकेआर ने 5,550 करोड़ रुपये निवेश करके 1.28 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी. इस तरह एक महीने के अंदर रिलायंस रिटेल में यह तीसरा निजी इक्विटी निवेश है. इस लेनदेन के तहत रिलायंस रिटेल की कीमत 4.285 लाख करोड़ रुपये आंकी गई.

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RIL ने एक बयान में कहा कि यह रिलायंस इंडस्ट्रीज की किसी सहायक कंपनी में जनरल अटलांटिक का दूसरा निवेश है और इससे पहले वह जियो प्लेटफार्म्स में 6,598.38 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है. आरआरवीएल की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल लिमिटेड के पास भारत में सबसे बड़ा खुदरा नेटवर्क है, जिसमें सुपरमार्केट, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर, थोक व्यवसाय, फैशन आउटलेट और ऑनलाइन किराने की दुकान जियोमार्ट शामिल हैं. रिलायंस रिटेल के लगभग 7,000 शहरों में 12,000 स्टोर है, जिसमें किराना, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन शोरूम शामिल हैं. वित्त वर्ष 2019-20 में रिलायंस रिटेल की आय 1.63 लाख करोड़ रुपये थी.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘हम प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता व्यवसायों के संबंध में जनरल अटलांटिक की व्यापक विशेषज्ञता और भारत में निवेश के दो दशकों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए तत्पर हैं. हम देश में खुदरा को फिर से परिभाषित करने के लिए एक नए वाणिज्य मंच का निर्माण कर रहे हैं.” इस निवेश से रिलायंस रिटेल को खुदरा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों अमेजॉन और वालमार्ट से मुकाबला करने में मदद मिलेगी. RIL की सहायक कंपनी जियो प्लेटफार्म्स में 1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने वाले सभी 13 निवेशकों को खुदरा इकाई में निवेश करने का मौका दिया गया है.