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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के दिल संजौली में बन रही ढली-संजोली टनल का ब्रेकथ्रू हो गया है। डबललेन टनल के दोनों सिरे जोड़ दिए गए है। इस साल 147 मीटर लंबी इस टनल के बनने से संजौली व ढली मे आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। स्मार्ट सिटी के तहत बनने वालीं इस टनल की आधारशिला 11 मार्च को रखी गयीं थीं।

 

नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली ने बताया कि इस टनल का काम 53 करोड़ रुपये यह लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में बनने वाला यह सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि लगभग6 माह में ही राजधानी के संजौली और ढली के बीच बनाई जा रही ढली डबललेन सुरंग के दोनों किनारे आपस में जुड़ गए है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसी साल ये सुरंग वाहनों के यातायात के लिए खोल दी जायेगी।

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आशीष कोहली ने बताया कि नगर निगम शिमला के अंतर्गत पड़ने वाली संजौली-ढली की मौजूदा टनल का निर्माण अंग्रेजों ने शिमला को समर कैपिटल बनाने के बाद किया था, जो आज भी ऊपरी शिमला को शिमला के साथ जोड़ने का मुख्य मार्ग है। नयी टनल के बनने से ऊपरी शिमला के लिए लगने वाले जाम से निज़ात मिलेगी।

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अपर शिमला के लिए गेटवे

दरअसल, संजौली में अंग्रेजों के जमाने में एक टनल बनाई गई थी। इससे वाहनों की आवाजाही होती है। क्योंकि यह सिंगल लेन टनल है, इसलिए यहां पर एकतरफा ही वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में इस पर मार्ग पर संजौली चौक से लेकर ढली तक जाम लगा रहता है। अपर शिमला की बड़ी आबादी संजौली में रहती है। इस वजह से भी यहां गाड़ियों की आवाजाही ज्यादा रहती है। साथ ही शिमला शहर में संजौली उपनगर है। यहीं से शिमला के ऊपरी इलाकों के लिए गेटवे होकर जाता है।

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