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फेस्टिवल सीजन में अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होने से बड़ी संख्या में यात्रियों ने राहत की सांस ली है। छह महीने बाद मंगलवार से सेवाएं दोबारा शुरू होने से यात्रियों की सहूलियत बढ़ जाएंगी तो दूसरी तरफ यात्रा के मद में खर्च भी कम होगा।

3500 बसों के सड़कों पर उतरने से रोजाना यात्रियों को उतर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उतराखंड सहित आसपास के तमाम राज्यों के अलग अलग शहरों में पहुंचना आसान हो जाएगा। हालांकि कोरोना काल में बस सेवाएं शुरू होने पर यात्रियों के साथ साथ कर्मियों को सभी एहतियातों का सख्ती से पालन करना होगा।
दिल्ली से उतर प्रदेश के अलग अलग शहरों से रोजाना 1519 बसें यात्रियों को सेवाएं देंगी। हरियाणा रोडवेज की 757, उतराखंड के लिए 313, पंजाब 139, हिमाचल प्रदेश से 128, पेप्सू की 75, राजस्थान की 254, सीटीयू की 18, जम्मू कश्मीर-11, गढ़-हापुड़-40 जबकि दिल्ली(निजी) की 213 बसें यात्रियों को सुविधा देने के लिए तैयार हैं। तीनों बस अड्डे पर सेवाएं शुरू करने की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं।

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चुनौती: बस के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
बस की सभी सीटों पर यात्रियों को सफर करने की इजाजत दे दी गई है। लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए कम से कम एक मीटर की दूरी का कैसे पालन होगा, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। हालांकि तय एसओपी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, बावजूद इसके वास्तविकता में इसे लागू करने में परिवहन सहित अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेवारी और बढ़ जाएंगी।

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