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उज्जैन पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में नई शिक्षा नीति की बेहद जरूरत है। उन्होंने मातृभाषा को बढ़ावा देने की भी बात कही।

 

एक कार्यक्रम में उज्जैन पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में नई शिक्षा नीति (New Education Policy) की बेहद जरूरत है। जब मातृभाषा की वकालत करने की बात होती है तो प्रस्तावना भी अंग्रेजी में पढ़ी जाती है। यह दुर्भाग्य है। मातृभाषा को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्या भारती के प्रांतीय कार्यालय के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान परिदृश्य में केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा ही जरूरी नहीं है, बल्कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ मानवता का पाठ पढ़ना भी बेहद जरूरी है। यह पाठ विद्या भारती और उनके अनुषांगिक शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाया जा रहा है।

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चिंतामण मार्ग पर स्थित प्रांतीय कार्यालय की नींव 2018 में रखी गई थी। यहां पर 11 करोड़ की इमारत बनाई गई जबकि पूरे भवन पर कुल खर्च ₹150000000 आया है। यह खर्च सामाजिक संस्था और आम लोगों से धन राशि एकत्रित कर किया गया है। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, इंदर सिंह परमार सहित कई मंत्री और सांसद, विधायक शामिल हुए।

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संघ प्रमुख के वक्तव्य को अमलीजामा पहनाना जनहित में

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के उद्बोधन के बाद एबीपी न्यूज़ से चर्चा के दौरान कहा कि नई शिक्षा नीति बेहद जरूरी है। वर्तमान में स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा संघ प्रमुख के वक्तव्य को अमलीजामा पहनाना जनहित में आवश्यक है।

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बिना परिचय पत्र के नहीं मिली अनुमति

संघ प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। यहां पर कड़ी सुरक्षा और चेकिंग के बीच आमंत्रित लोगों को ही प्रवेश दिया गया। भारतीय जनता पार्टी के कई नेता आमंत्रण पत्र नहीं होने की वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।