English മലയാളം

Blog

कोंडागांव: 

बलरामपुर में हुए बलात्कार को छोटी घटना बताने के बाद, एक और वारदात से छत्तीसगढ़ प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं. यहां पर एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था, पीड़िता ने दो महीनों पहले खुदकुशी कर ली थी. लेकिन पुलिस ने दो महीनों तक इस मामले में केस तक दर्ज नहीं किया था. बदकिस्मत परिवार इस मामले में तब केस दर्ज कराने में कामयाब हुआ, जब इंसाफ की राह न दिखने पर पीड़िता के पिता ने भी खुदकुशी करने की कोशिश की.

Also read:  10 लाख जॉब पर नीतीश का तंज- 'पैसा कहाँ से लाओगे..जेल से? पर तेजस्वी का जवाब

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक शादी के दौरान एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ कथित तौर पर 7 लोगों ने बलात्कार किया था, दो महीने पहले उसने खुदकुशी कर ली लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. 4 अक्टूबर को पीड़िता के पिता ने भी जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की तब जाकर मामला दर्ज हुआ. पिता ने खुदकुशी करने की कथित तौर पर इसलिए कोशिश की, क्योंकि वो अभी तक एक एफआईआर तक दर्ज कराने में कामयाब नहीं हो पाए थे.

Also read:  COVID संक्रमित डोनाल्ड ट्रंप का अस्पताल में चल रहा इलाज, बोले- 'मैं ठीक हूं'

खुदकुशी के बाद परिवार ने पीड़िता को दफन कर दिया था, बुधवार को पुलिस ने उसका शव ऑटोप्सी के लिए बाहर निकाला है. पुलिस का कहना है कि परिवार के अनुसार, रेप की घटना जुलाई में हुई थी. पुलिस ने दावा किया है कि उन्हें उस वक्त इसकी जानकारी नहीं दी गई थी.

Also read:  Coronavirus India Updates: पिछले 24 घंटे में सामने आए 36594 नए मामले, 540 की मौत

बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने जानकारी दी है कि इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. तीन आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं. घटना की जांच के लिए कोंडागांव एएसपी आनंद साहू  के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया है.