English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-18 173437

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय नौसेना में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना के लिए सोमवार को ‘स्प्रिंट चैलेंज’ का अनावरण किया।

 

प्रधानमंत्री यहां आयोजित नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (एनआईआईओ) के सेमिनार ‘स्वावलंबन’ में शामिल हुए। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

Also read:  ओमान और जॉर्डन के बीच 2022 में लगभग 127.6 मिलियन डॉलर का व्यापार आदान-प्रदान हुआ

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के एक भाग के रूप में, एनआईआईओ ने रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) के साथ मिलकर भारतीय नौसेना में कम से कम 75 नई स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस सहयोगी परियोजना का नाम स्प्रिंट (आईडेक्स, एनआईआईओ और टीडीएसी के माध्यम से आर एंड डी में उत्कृष्टता को समर्थन देना) है।

Also read:  देश की पहली रैपिड ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों की खास ट्रेनिंग शुरू, आपरेटर्स की ट्रेनिंग सामान्‍य ट्रेन ड्राइवरों से अलग है

सेमिनार का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग और शिक्षाजगत को इस कार्यक्रम से जोड़ना है। दो दिवसीय सेमिनार (18-19 जुलाई) उद्योगजगत, शिक्षाजगत, सेना और सरकार के प्रतिनिधियों को रक्षा क्षेत्र के लिए विचार-विमर्श करने और सिफारिशों देने के लिए एक साझा प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। नवाचार, स्वदेशीकरण, आयुध और विमानन विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। सेमिनार के दूसरे दिन सरकार के सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण के अनुरूप हिंद महासागर क्षेत्र में आउटरीच पर चर्चा की जाएगी।

Also read:  पैंगबर मोहम्मद पर बयानबाजी के मामले में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने सीएम योगी के नाम सौंपा ज्ञापन