English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-03-24 094758

घटना बुधवार देर रात हुई। मृतक का नाम सहदेव मंडल बताया गया है। वह नादिया जिले में टीएमसी का स्थानीय कार्यकर्ता था। सहदेव की पत्नी अनीमा मंडल बगुला की पंचायत सदस्य है। 

पश्चिम बंगाल में हिंसा का दौर थम नहीं रहा है। बीरभूम जिले में हुई 10 लोगों की हत्या का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा है और अब नादिया में एक टीएमसी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना बुधवार देर रात हुई। मृतक का नाम सहदेव मंडल बताया गया है। वह नादिया जिले में टीएमसी के स्थानीय कार्यकर्ता थे। सहदेव की पत्नी अनीमा मंडल बगुला की पंचायत सदस्य है। मंडल बुधवार रात लहूलुहान अवस्था में सड़क पर पड़े मिले। लोगों ने उन्हें बगुला के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। हालत बिगड़ने पर उन्हें कृष्णानगर अस्पताल ले जाया गया, जहां मंडल ने दम तोड़ दिया।

Also read:  आप के नेता तिहाज़ जेल में सिसोदिया की जान को खतरा होने की बात कह रहे
बीरभूम में भी हिंसा की शुरुआत टीएमसी के एक पंचायत नेता की हत्या से ही हुई थी। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि बीरभूम के रामपुरहाट जैसी हिंसा कहीं नादिया में न हो जाए। रामपुरहाट में भादू शेख की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 21 मार्च को पूरे जिले में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 10 लोगों को जिंदा जला दिया गया है। इनके घरों को आग लगा दी गई थी। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हैं।

Also read:  हाथरस केस: सुप्रीम कोर्ट से यूपी सरकार का अनुरोध- CBI जांच की करें निगरानी

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, ममता ने किया यूपी का जिक्र

बीरभूम हिंसा के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। वहां बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। उधर सीएम ममता बनर्जी ने इस हिंसा को लेकर घिरने पर यूपी, राजस्थान, मप्र जैसे राज्यों में भी ऐसी हिंसा होने की आड़ लेकर बचने की कोशिश की। बंगाल सरकार ने बीरभूम हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया है। इसका प्रमुख एडीजी सीआईडी ज्ञानवंत सिंह को बनाया गया है। बीरभूम हिंसा मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Also read:  Ramadan in UAE: इस अमीरात में दुकानों, व्यवसायों को 24 घंटे काम करने की अनुमति, प्राधिकरण ने की घोषणा

हाईकोर्ट ने मांगी आज दो बजे तक रिपोर्ट

रामपुरहाट हिंसा मामले पर कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश खंडपीठ ने गुरुवार दोपहर 2 बजे तक राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। हाई कोर्ट ने जिला जज की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे लगाने और घटनास्थल की चौबीसों घंटे निगरानी करने का भी निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सीएफएसएल दिल्ली टीम को मौके से तुरंत जांच के लिए साक्ष्य एकत्र करे। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों को जिला न्यायाधीश के परामर्श से डीजी और आईजीपी द्वारा सुरक्षा दी जाए।