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भाजपा के सीनियर नेता रविशंकर प्रसाद ने बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष की आगामी ‘मेगा मीटिंग’ को लेकर निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि उनका (विपक्ष) प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के बीच पीएम पद को लेकर मतभेद है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह सत्ता के लिए स्वार्थी लोगों का गठबंधन है। चूंकि वे अकेले पीएम मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते हैं, वे इसे एक साथ करने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के लोग एक निश्चित और स्थिर सरकार चाहते हैं, न कि ऐसे लोगों का समूह (गठबंधन) जो आपस में लड़ते रहते हैं।

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के सवाल और उनकी प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस के गौरव वल्लभ ने उनपर तंज कसा। गौरव वल्लभ ने कहा कि रविशंकर प्रसाद, आप चाहे जितनी कोशिश कर लें, लेकिन आप फिर से कैबिनेट का हिस्सा नहीं बनेंगे। हम आपको ‘चेहरा’ बताएंगे और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, ये भी बताएंगे। इतने अधीर मत होइए…।

टीएमसी नेता बोले- रविशंकर प्रसाद जो कहते हैं, उसका कोई महत्व नहीं

टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा कि रविशंकर प्रसाद जो कहते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। उनकी अपनी पार्टी ने उन्हें मंत्रालय से हटा दिया था। 23 को पटना में विपक्ष की बैठक मोदी का विकल्प प्रदान करने का तरीका खोजने के लिए है। अडानी पर आश्रित और अडानी पर निर्भर मोदी की सरकार स्वार्थी, सांप्रदायिक, संकीर्ण रही है।

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23 जून को पटना में होगी विपक्ष की मेगा मीटिंग

बता दें कि पटना में 23 जून को विपक्ष की मेगा मीटिंग होने जा रही है। मीटिंग पर भाजपा समेत पूरे देश की नजर है। कहा जा रहा है कि बैठक में कांग्रेस समेत 17 विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल समेत कई अन्य नेता शामिल होंगे।

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कहा जा रहा है कि 23 जून की बैठक में केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ पूरे देश में एकजुटता दिखाने के लिए सीट शेयरिंग, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम और नेतृत्व जैसे मुद्दों पर सहमति बनेगी।