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भारत बायोटेक ने अपनी नेसल वैक्सीन को पहले वैक्सीन ले चुके लोगों में बूस्टर डोज़ के तौर पर देने के लिए आवदेन दिया था। इस वैक्सीन का डोज इंजेक्शन के बजाय नाक के जरिए दिया जा सकेगा।

 

सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGOI) के पास भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की नेसल वैक्सीन (Nasal Vaccine) को कोरोना वैक्सीन ले चुके लोगों को बतौर बूस्टर डोज (Booster Dose) देने के फेज 3 के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी देने की सिफारिश की है। इस पर अंतिम फैसला ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को ही लेना है।

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भारत बायोटेक फर्म ने प्राथमिक टीकों के रूप में COVAXIN और COVISHIELD दिए गए लोगों को तीसरी खुराक के रूप में BBV154 नेसल वैक्सीन (Nasal Vaccine) के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति देने के लिए अपना प्रस्ताव दिया है जिसे सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने डीसीजीआई के इस ट्रायल को मंजूरी देने के लिए अपनी सहमति दी है। अब ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलनी बाकी है।

दूसरे चरण के ट्रायल में सुरक्षित पाई गई थी यह वैक्सीन

भारत बायोटेक ने अपनी नेसल वैक्सीन को पहले से वैक्सीन ले चुके लोगों में बूस्टर डोज़ के तौर पर देने के लिए आवदेन दिया था। नेसल वैक्सीन नाक से दी जाने वाली दवा है। इंजेक्शन के बजाय ये डोज नाक के जरिए दिया जा सकेगी। कंपनी ने इस नेसल वैक्सीन दूसरे चरण का डेटा CDSCO को दिया था जिसमें यह वैक्सीन सेफ और इम्युनोगेनिक पाई गई थी।

 

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भारत में लगातार बढ़ रहे हैं कोविड के केस

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वहीं सरकार ने मोडर्ना की एमआरएनए वैक्सीन और जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज वैक्सीन के भी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। वहीं भारत में पिछले 24 घंटे में कुल 58,097 कोविड के नए केसों की पुष्टी हुई है और 15,389 लोग इससे रिकवर हुए हैं और लगभग 534 लोगों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा है। वहीं देश भर में कुल एक्टिव कोविड केसों की संख्या बढ़कर 2,14,004 हो गई है।