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महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद नगर परिषद व पंचायत के चुनाव के लिए शुरू की गई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।


महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण पर अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई के मद्देनजर 92 नगर परिषदों और चार नगर पंचायतों के चुनाव पर गुरुवार को रोक लगा दी। आयोग ने यहां एक बयान में कहा कि 12 जुलाई को राज्य ओबीसी आयोग ने अपनी रिपोर्ट (अन्य पिछड़ा वर्ग के बारे में डेटा के साथ) सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी और मामले में अगली सुनवाई 19 जुलाई को निर्धारित की गई है।

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पिछले हफ्ते आयोग ने घोषणा की थी कि इन स्थानीय निकायों के चुनाव 18 अगस्त को ओबीसी आरक्षण के बिना होंगे। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी दलों, दोनों ने कहा था कि जब तक ओबीसी आरक्षण के मुद्दे का हल नहीं हो जाता तब तक चुनाव नहीं होने चाहिए।

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पिछले साल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में पिछड़े वर्ग की आबादी के बारे में ठोस आंकड़ों के अभाव में महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों में ओबीसी कोटा को खारिज कर दिया था। दो दिन पहले, आयोग ने 25 जिला परिषदों और 284 पंचायत समितियों में अन्य आरक्षण तय करने के लिए लॉटरी पर रोक लगा दी थी। बता दें किं सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त आयोग के सुझावों को अपने स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदान किए जाने के लिए आवश्यक ओबीसी आरक्षण की सीमा का पता लगाने के लिए उन क्षेत्रों के लिए समायोजित नहीं किया जा सकता है। जिनके लिए चुनाव कार्यक्रम पहले ही हो चुका है।

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