English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-23 091650

मंदिर तोड़े जाने पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए गोवा के सीएम सावंत ने कहा कि हम गोवा की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करेंगे।

राजस्थान के अलवर में 300 साल पुराना मंदिर तोड़े जाने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सावंत ने कहा कि राजस्थान में मंदिरों को तोड़ना गलत है। इसके साथ ही उन्होंने फिर कहा कि हम गोवा में पुर्तगालियों द्वारा तोड़े गए मंदिरों का पुनर्उद्धार करेंगे। मंदिर तोड़े जाने पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए गोवा के सीएम सावंत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हम गोवा की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करेंगे। प्रदेश के बजट में इसके लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

Also read:  शंघाई संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक, बैठक की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा

केंद्र से पीएफआई पर पाबंदी की सिफारिश करेंगे

सीएम सावंत ने गोवा में धर्मांतरण नहीं होने देने की उनके बयान का विरोध करने पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से सिफारिश करेंगे कि इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया जाए। सीएम ने यह भी कहा कि गोवा की भाजपा नीत सरकार राज्य में कभी भी धर्मांतरण को बढ़ावा नहीं देगी।

Also read:  आमिर ने कतर निवेश प्राधिकरण के निदेशक मंडल के पुनर्गठन का निर्णय जारी किया

एएनआई से बातचीत में सावंत ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी मेरे बयान पर पीएफआई की टिप्पणी अप्रासंगिक है। राज्य में इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएफआई पर पाबंदी लगना चाहिए। सावंत ने बीते दिनों कहा था कि गोवा में धर्मांतरण बढ़ रहा है और वंचित लोगों को शिकार बनाया जा रहा है। उनकी सरकार इस पर लगाम लगाएगी। सावंत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता मिशेल लोबो ने आरोप लगाया था कि सीएम का यह बयान समाज के एक वर्ग के ध्रुवीकरण के लिए आया है। यह अनपेक्षित है और राज्य की जनता को नकारात्मक संदेश देने वाला है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।

Also read:  यूएई ने अगले 3 वर्षों के लिए अधिशेष बजट की घोषणा की

सीएम के बयान पर ध्यान न दें : पीएफआई

इसी तरह कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पीएफआई ने कहा था कि सीएम महंगाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नागपुर में संघ के नेताओं को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं। संगठन ने जनता से आग्रह किया था कि वह सीएम के बयान पर ध्यान न दे।