English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-02-24 111327

रकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने से रोकने के लिए गुजरात विधानसभा में लाया गया एक बिल गुरुवार को सर्वसम्मति से पास हो गया। इस बिल में इस तरह के कृत्य के लिए 10 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है।

 

बिल के प्रावधानों के अनुसार, आरोपी को 10 लाख रुपये से कम के जुर्माने का भी भुगतान करना होगा, जिसे 1 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। गुजरात विधानसभा में गुजरात सरकारी परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2023, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी द्वारा पेश किया गया। बहस के बाद इस विधेयक को सदन से पारित कर दिया गया। विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्यों ने भी विधेयक का समर्थन किया।

Also read:  बिहार मध्यमा परीक्षा दूसरे के बदले पेपर देते पकड़े गए 55 फर्जी परीक्षार्थी, होगी एफआईआर

बिल का उद्देश्य अनुचित साधनों पर अंकुश लगाना है, जिसमें प्रश्न पत्र को लीक करना या लीक करने का प्रयास करना, अनधिकृत तरीके से प्रश्न पत्र प्राप्त करना और प्रश्न पत्र को अनधिकृत तरीके से हल करना शामिल है।

Also read:  प्रधानमंत्री ने बरज़ान संयुक्त अभ्यास के समापन के साक्षी बने

नकल करने वालों पर भी नकेल कसी

बिल के अनुसार, यदि कोई परीक्षार्थी ऐसे अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसे तीन वर्ष तक के कारावास की सजा होगी और कम से कम एक लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

वहीं, यदि कोई व्यक्ति निरीक्षण दल के किसी सदस्य या परीक्षा प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति को काम करने के दौरान बाधा उत्पन्न करता है या धमकी देता है, तो उसे भी तीन साल तक की कैद होगी और उसपर कम से कम एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।

Also read:  कच्चे तेल में आ सकती है गिरावट, जानें क्‍यों चीन बना बड़ा फैक्‍टर

यदि परीक्षार्थी सहित कोई भी व्यक्ति अनुचित साधनों में लिप्त होता है या अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करता है, तो उसे पांच साल के कारावास से दंडित किया जाएगा जो दस साल तक बढ़ सकता है।