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 इन दिनों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सैलरीड क्लास और नौकरीपेशा लोगों पिछले कुछ दिनों से हायर पेंशन स्कीम की बातें कर रहे हैं। अपने भविष्य की चिंता में हर कोई नौकरी के समय में ही अपनी पेंशन का जुगाड़ करने में लगा है।

EPFO की ओर से हायर पेंशन स्कीम में अप्लाई करने की आखिरी तारीख बदल चुकी है। जी हां, अब आखिरी तारीख 26 जून 2023 हो गई है। अगर आप अब भी इस स्कीम में अप्लाई करने का सोच रहे हैं तो आपके पास अभी थोड़ा वक्त और है। लेकिन ज्यादातर लोगों को अब भी नहीं पता कि यह स्कीम क्या है और आपको अधिक पेंशन का विकल्प चुनते वक्त किन-किन बातों का ध्यान रखना है। तो चलिए, एक-एक कर सरल भाषा में समझते हैं।

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क्या है हायर पेंशन स्कीम ?

आसान और सरल भाषा में कहे तो हायर पेंशन स्कीम आपको रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे में हर महीने ज्यादा पेंशन देगा, जिसके लिए अप्लाई करने की तारिख 26 जून है। वो कर्मचारी, जो 1 सितंबर 2014 से पहले ईपीएफओ और ईपीएस के मेंबर थे और जो सर्विस में बने रहे, लेकिन पहले उच्च पेंशन विकल्प का लाभ उठाने से चूक गए, आवेदन करने के पात्र हैं।

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हालांकि, जो लोग इस तिथि से पहले सेवानिवृत्त हुए थे और जिन्होंने उच्च पेंशन विकल्प के लिए चुनाव किया था, उन्हें इसकी अलग से स्वीकृति देनी होगी।

किन बातों का रखें ध्यान

इस स्कीम के तहत पात्र लोगों को अब यह समझना होगा की इस स्कीम में किन बातों का ध्यान रखना है। हायर पेंशन स्कीम का ऑप्शन चुनने से पहले आपको दो चीजों का ध्यान रखना होगा।

पहला- अगर आपको अपना पेंशन रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त राशि में चाहिए तो उसके लिए पुरानी पेंशन स्कीम बेहतर है। यानी अगर आप रिटायरमेंट के बाद नया घर खरीदना, गाड़ी या कोई दूसरी बड़ी जरूरत के लिए पैसे ले रहे तो इस ऑप्शन को चुन सकते हैं।

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दूसरा- अगर आपको अभी अपनी सैलरी की तरह हर महीने पेंशन भी चाहिए तो उसके लिए इस नई हायर पेंशन स्कीम का चुनाव करना अच्छा रहेगा। पेंशन के नियमों के मुताबिक, किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को उसकी आधी पेंशन मिलती है।