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उत्तराखंड में मंगलवार से उच्च शिक्षण संस्थान खुलने जा रहे हैं। राजधानी देहरादून के प्रमुख कॉलेज डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर और एमकेपी पीजी कॉलेज में सैनिटाइजेशन समेत अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

कोरोना के प्रभाव के बीच सख्त नियमों के साथ छात्रों को कॉलेज व विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट अनिवार्य होगी। प्रदेश के छात्रों को इससे राहत दी गई है।

वहीं, सभी छात्रों के लिए अभिभावकों का सहमतिपत्र लाना भी अनिवार्य होगा। हालांकि, अभी शुरुआती चरणों में कॉलेजों में प्रैक्टिकल की कक्षाएं ही चलाई जाएंगी। थ्योरी कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी।सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कई कॉलेज में विभागों (संकाय) को शिफ्टवार और कई कॉलेज में आधे-आधे छात्र बुलाए जाएंगे। वहीं, तकनीकी कॉलेजों के खुलने की तारीख साफ नहीं है।

डीएवी में शिफ्टों में होंगी कक्षाएं
डीएवी पीजी कॉलेज में शिफ्टों में प्रैक्टिकल कक्षाएं होंगी। डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने बताया कि कला व वाणिज्य संकाय की प्रैक्टिकल कक्षाएं सुबह 8 से 11 बजे तक और विज्ञान व विधि संकाय की कक्षा सुबह 11.15 बजे से दोपहर दो बजे तक चलेंगी।

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समय के आधार पर ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज अधीक्षक व मेंटेनेंस कमेटी को कोविड गाइडलाइन का पालन कराने की जिम्मेदारी दी है। मुख्य नियंता डॉ. अतुल सिंह छात्रों भी निगरानी करेंगे। छात्रों का परिजनों का सहमति पत्र भी लाना होगा। इसका प्रारूप कॉलेज की वेबसाइट या कॉलेज से लिया जा सकता है।

डीबीएस व एमकेपी कॉलेज भी आज से खुलेंगे
डीबीएस व एमकेपी पीजी कॉलेज भी मंगलवार से खुलेंगे। सोमवार को हुई कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक में यह फैसला लिया गया। डीबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीसी पांडेय ने कहा कि छात्रों को आधी-आधी संख्या में बुलाया जाएगा। इसकी सूचना छात्रों को दे दी गई है।

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एमकेपी पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा खरे ने बताया कि कक्षाएं सुबह साढ़े नौ बजे से शिफ्टवार चलेंगी। इसका शेड्यूल मंगलवार को तय कर लिया जाएगा। एसजीआरआर पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई ने बताया कि सोमवार को कॉलेज परिसर व कक्षाओं को सैनिटाइज कराया गया। प्रथम चरण में बीएससी पहले, तीसरे व पांचवें सेमेस्टर व एमएससी के तीसरे सेमेस्टर के छात्र आएंगे।

कोचिंग में 11वीं कक्षा के छात्रों के शामिल होने पर संशय
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में शुरू की गई जेईई एवं नीट की कोचिंग में 11वीं कक्षा के छात्रों को भी शामिल किया जाएगा। अभी तक सिर्फ 12वीं कक्षा के छात्र ही लाभ लेते रहे हैं, लेकिन 11वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति नहीं है। ऐसे 11वीं कक्षा में कितने छात्र कोचिंग कक्षा में शामिल होंगे, इस पर बड़ा संशय बना हुआ है।

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अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक सीमा जौनसारी ने सोमवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय (ननूरखेड़ा) में कोचिंग कक्षा का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के कारण इस बार ऑफलाइन कोचिंग का आयोजन नहीं हो सका है।

स्कूलों में वर्चुअल माध्यम से कोचिंग कराई जाएगी। कोचिंग का केंद्र नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा को बनाया है। इससे पहाड़ी जिलों के स्कूल भी जुड़ सकेंगे। कहा कि अधिक छात्रों को कोचिंग का लाभ देने के लिए 11वीं कक्षा के छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। योजना का मकसद सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद छात्रों को निशुल्क कोचिंग का लाभ देना है, ताकि वे भी खुद को सरकारी सेवाओं के लिए तैयार कर सकें।