English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-30 205237

 केरल की एक अदालत ने पांच साल पहले कोल्लम जिले में एक विद्यालय के चार किशोरों का यौन शोषण (Sexually Abusing) करने के मामले में एक पादरी को 18 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

 

अदालत ने चेन्नई स्थित एसडीएम विद्यालय के सदस्य फादर थॉमस पारेकुलम (35) को कोट्टाराक्कारा क्षेत्र के पुथूर में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं के तहत दर्ज मामले में शुक्रवार को दोषी पाया। घटना के समय सभी पीड़ित किशोर 16 वर्ष के थे और जिले के पुल्माला में एक विद्यालय के छात्र थे, जहां आरोपी ‘रेक्टर’ के रूप में काम कर रहा था।

Also read:  राष्ट्रपति कोविंद ने किया श्री रमना काली मंदिर का उद्घाटन, 1971 युद्ध में पाक सेना ने किया था नष्ट

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो), के. एन. सुजीत ने पादरी को तीन मामलों में पांच-पांच साल (तीनों सजा की अवधि मिलाकर 15 साल) और चौथे मामले में तीन साल की सजा सुनाते हुए प्रत्येक मामले में (पीड़ितों को) एक-एक लाख रुपये का मुआवजा अदा करने का भी आदेश दिया।

Also read:  भूकंप दक्षिण अल Sharqiyah में दर्ज की गई

जिला लोक अभियोजक के कार्यालय ने बताया कि पुलिस हिरासत से फरार हुए आरोपी को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। कार्यालय ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में बाल कल्याण समिति द्वारा प्राप्त एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच की गई।

Also read:  योगी आदित्यनाथ ने कहा भारतीय परंपराओं की वैश्विक पहचान में सेक्युलरिज्म सबसे बड़ा खतरा