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भाजपा में राज्यसभा उम्मीदवार तय करने के लिए राज्यों ने केंद्रीय नेतृत्व से स्थानीय नेताओं को वरीयता देने का आग्रह किया है। विभिन्न राज्यों से केंद्र को भेजे गए नामों के पैनल में अधिकांश मौजूदा सांसद और नए नामों में स्थानीय नेता हैं।

 

केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे से लौटने के बाद नामों पर अपनी मुहर लगाएगा। सूत्रों के अनुसार लगभग आधा दर्जन नए चेहरों को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाएगा।

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राज्यसभा की कई सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है। 31 मई तक नामांकन भरे जाने हैं। भाजपा 11 राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है। इनमें भाजपा की 25 सीटें रिक्त हो रही हैं। विधानसभाओं में भाजपा व सहयोगी दलों की स्थिति को देखते हुए भाजपा फिर से 22 सीटें जीत सकती है।

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इन्हें दी जाएगी वरीयता

सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड, कर्नाटक, यूपी समेत कई राज्य चाहते हैं कि पार्टी नए उम्मीदवार तय करने में राज्य के नेता को ही वरीयता दे। मंत्रियों व मौजूदा सांसदों को छोड़कर दूसरे राज्य के नेताओं को न उतारा जाए। इस बार एमजे अकबर, केजे अल्फोंस, विकास महात्मे, गोपाल नारायण सिंह, ओम माथुर की जगह नए चेहरों को लाया जाएगा।

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इनके बदले जाएंगे राज्य

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, मुख्तार अब्बास नकवी में कुछ के राज्य बदले जा सकते हैं। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।