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जोशीमठ के बाद अब चमोली ज़िले के कर्णप्रयाग में भी लोग घरों में लगातार हो रही दरारों की वजह से दहशत में हैं। 

कर्णप्रयाग में आठ घरों की हालत ख़तरनाक बनी हुई है. जिसे देखते हुए इन घरों में रहने वाले आठ परिवारों को इसे ख़ाली कराने का नोटिस दिया गया है।

बहुगुणा नगर के लोगों ने नोटिस पर क्या कहा

कर्ण प्रयाग के बहुगुणा नगर के रहने वाले हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि उन्हें पटवारी की तरफ़ से घर ख़ाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।बहुगुणा नगर में हरेंद्र बिष्ट का 6 कमरों का घर है।

घर में उनके साथ पत्नी प्रियंका और ढाई साल का बेटा शिवेन रहते हैं। हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि उनके सभी कमरों में दरारे आई हैं। दरारें इतना चौड़ी हैं कि एक कमरे से दूसरे कमरे में देखा जा सकता है। भरे मन से बात करते हुए हरेंद्र कहते हैं कि अपना सब कुछ छोड़कर, वो भी छोटे बच्चे के साथ, कहीं और जाना बेहद मुश्किल है।

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सरकार ने रहने के लिए नगर पालिका के रैन बसेरे में कमरा दिया गया है। चूँकि कोई चारा नहीं है, लिहाजा वे अपना सामान लेकर वहां रहने का मन बना रहे हैं। उसके बाद वे रहने के लिए किराए का घर तलाशेंगे। पंकज डिमरी का कहना है कि उनका घर सड़क के किनारे है। वे कहते हैं कि पिछले साल बरसात के दौरान ऑल वेदर रोड की मशीनों से कटिंग की गई जिस वजह से घर में दरारें आई हैं।

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क्या कहना है कर्णप्रयाग के तहसीलदार का?

कर्णप्रयाग के तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि “11 जनवरी को तहसील प्रसाशन और अन्य तकनीकी विभागों के साथ 39 मकानों का एक जॉइंट इंस्पेक्शन किया गया था।”

वे बताते हैं कि इनमें से 8 मकान रहने लायक नहीं पाए गए थे। सुरेंद्र सिंह देव ने बताया, “यूँ तो पूरे 39 मकानों की स्थिति ही ख़राब थी, मगर इनमें ये आठ घर बिलकुल रहने लायक नहीं थे। इन घरों में बहुत ज़्यादा दरारें थी।” तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने बताया कि अभी बहुगुणा नगर इलाके के 8 मकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया है। वे कहते हैं, “उन मकानों में रह रहे लोगों को वैकल्पिक आवास के रूप में नगर पालिका परिषद कर्ण प्रयाग के रैन बसेरे में शिफ़्ट किया जाएगा।”

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तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने बताया कि ज़िलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जोशीमठ की तर्ज़ पर राहत सहायता के लिए प्रस्ताव बनाकर ज़िला कार्यालय को भेजा जाए। जोशीमठ की हालत देखकर पहले ही कर्णप्रयाग के निवासी अपने घरों की दरारें देख परेशान थे, अब घर खाली करने के नोटिस ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।