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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकारों से कर्ज और नकदी प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी रास्ता तलाशने को कहा।

 

दास ने राज्य वित्त सचिवों के 32वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य वित्त सचिवों के सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह राज्यों के कर्ज और नकदी प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी उपाय तलाशने और उस पर विचार का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि उभरती वृहत आर्थिक परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए राज्यों को सूझ-बूझ के साथ उधारी रणनीति और प्रभावी नकदी प्रबंधन गतिविधियों को अपनाने की जरूरत है।

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दास ने खर्च गुणवत्ता में सुधार, आकस्मिक रूप से सामने आने वाली देनदारियों का बेहतर संचालन और निगरानी तथा सहकारी बैंकों में संचालन व्यवस्था में सुधार की भी बात कही। बैठक के दौरान राज्यों द्वारा बाजार उधारी, मुद्रास्फीति नियंत्रण में राज्यों की भूमिका, कर्ज प्रबंधन रणनीति समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की गयी। सम्मेलन में केंद्रीय वित्त मंत्रालय, लेखा महानियंत्रक, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक और 24 राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश के वित्त सचिव शामिल हुए।

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