English മലയാളം

Blog

चीन के साथ सीमा पर मई महीने से ही तनाव जारी है। दूसरी तरफ, पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान भी लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ‘नौसेना दिवस’ के एक दिन पूर्व गुरुवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देश के सामने कोरोना और सीमा पर चीन से निपटने की चुनौती है और नौसेना इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

43 में से 41 युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण भारत में
एडमिरल करमबीर सिंह ने बताया कि भविष्य में नौसेना के लिए बनाए जाने वाले 43 युद्धपोतों और पनडुब्बियों में से 41 को भारत में बनाया जाना है, जिसमें स्वदेशी विमान वाहक पोत भी शामिल होगा। ऐसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के मद्देनजर किया जा रहा है।

चार महिला अधिकारी जहाज पर और दो विदेश में तैनात
नौसेना में महिला अधिकारियों को लेकर जानकारी देते हुए एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने नवंबर में जहाजों पर चार महिला अधिकारियों को नियुक्त किया है और दो महिला अधिकारियों को मालदीव और रूस में विदेशी बैलेट में नियुक्त किया गया है।

Also read:  हैदराबाद में समलैंगिक जोड़े ने रचाई शादी, पूरी की शादी की रस्में

एडमिरल सिंह ने कहा कि देश के सामने कोरोना वायरस महामारी और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की नापाक हरकतों से निपटने की दोहरी चुनौती है। इन दोनों चुनौतियों का सामना करने के लिए नौसेना पूरी तरह तैयार है। भारतीय नौसेना परीक्षा की इन घड़ियों में मजबूती से डटे रहने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

दो प्रीडेटर ड्रोन के जरिए निगरानी
नौसेना प्रमुख ने कहा, हिंद महासागर में अतिक्रमण (चीनी जहाजों द्वारा) की स्थिति से निपटने के लिए हमारे पास एक एसओपी है। लीज पर लिए गए दो प्रीडेटर ड्रोन हमारी निगरानी क्षमता में अंतर को पूरा करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 24 घंटे निगरानी की क्षमता हमें निरंतर निगरानी करने में मदद कर रही है।

Also read:  पीएम मोदी ने G20 Anti-Corruption Working Group's Meeting को वर्चुअली किया संबोधि, भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की सख्त नीति है: पीएम मोदी

नौसेना दोनों सेनाओं के साथ मिलकर काम कर रही
जब एडमिरल सिंह से चीन के साथ जारी संघर्ष में नौसेना की भूमिका को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, नौसेना की गतिविधियां भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ निकट समन्वय और तालमेल में हैं। हम किसी भी परिस्थिति से निपटने को तैयार हैं।

उत्तरी सीमा पर तैनात किए गए हेरोन ड्रोन
नौसेना प्रमुख ने कहा, हमने सेना और भारतीय वायु सेना की आवश्यकता पर विभिन्न स्थानों पर पी-8 आई विमान तैनात किए हैं। इसके अलावा, हमने उत्तरी सीमाओं पर हेरोन निगरानी ड्रोन तैनात किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीन चीनी युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में हैं। चीन एंटी-पायरेसी पैट्रोल को लेकर 2008 से तीन जहाजों का रखरखाव कर रहा हैं।

Also read:  चीन ने 'अपरंपरागत' हथियारों का इस्तेमाल कर LAC पर स्थिति बिगाड़ी : रक्षा मंत्रालय

हमलावरों से बचने के लिए स्मैश राइफल खरीद रही नौसेना
एडमिरल सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना हमलावरों से बचाव के लिए स्मैश-2000 राइफलों को ड्रोन-रोधी उपकरण के रूप में खरीद रही है। हम बहुत स्पष्ट हैं कि समुद्र में वायु शक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘यदि आप एक ऐसे राष्ट्र हैं जो आकांक्षात्मक है और फाइव ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। साथ ही तटों तक ही सीमित नहीं होना चाहता है तो उसे विमान वाहक जहाजों की आवश्यकता है।’

नौसेना प्रमुख ने कहा, तीन सेनाओं के लिए 30 प्रीडेटर ड्रोन का अधिग्रहण जारी है और वे ड्रोन अधिक सक्षम होंगे।