English മലയാളം

Blog

नई दिल्ली: 

यूपी के हाथरस (Hathras) में दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने की मांग पर अड़े हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को यूपी पुलिस ने डीएनडी पर रोक दिया है. कांग्रेस नेताओं के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता डीएनडी पर खड़े हैं. इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) को यूपी में एंट्री करने की अनुमति दे दी है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि राहुल और प्रियंका समेत पांच लोगों को हाथरस जाने की अनुमति दे दी है.

Also read:  राहुल गांधी के साथ 'पुलिसिया बदसलूकी' पर शिवसेना नेता संजय राउत का वार, बोले- लोकतंत्र का गैंगरेप

अब डीएनडी पर सैंकड़ों की संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी समझा रहे हैं कि पुलिस ने उन्हें हाथरस जाने की अनुमति दे दी है और अब आप हमें आगे आने दिया जाए और पुलिस के साथ सहयोग करें. राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि पीएल पुनिया, गुलाम नबी आजाद, प्रमोद तिवारी को भी आगे जाने दें.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी को हाथरस जाने की इजाजत मिलने को राहुल गांधी बड़ी जीत बताया. उन्होंने बीजेपी द्वारा इसे फोटो खिंचवाने का मौका करार देने पर हमला करते हुए कहा कि जब स्मृति ईरानी चूड़ियां भिजवा रहीं थी तो क्या वो भी फोटो खिंचवाने के लिए भेज रही थी.

Also read:  असम सरकार ने पिछले दो सालों में विज्ञापन पर 130.59 करोड़ किए खर्च

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी अकेले पैदल चलकर जाने को भी तैयार थे. कांग्रेस नेता ने कहा है कि हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और सीएम योगी इस्तीफा दे.

अब राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के परिवार से मुलाकात करेगा. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार की शिकायतें सुनेगा और पीड़िता तथा उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए मांग करेगा.

Also read:  तुर्की के राष्ट्रपति आज संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा शुरू कर रहे हैं

राहुल गांधी ने आज सुबह अपने ट्वीट में लिखा, “दुनिया की कोई भी ताक़त मुझे हाथरस के इस दुखी परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटने से नहीं रोक सकती.”

इस बीच, हाथरस सदर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा था कि राहुल गांधी को गांव आने इजाजत नहीं है, किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता के आने पर फिलहाल रोक है.