English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-01-20 141129

आज़म चाहते थे कि कांठ से यूसुफ मलिक, मुरादाबाद देहात से सैय्यद आरिज़ मियां, बदायूं से आबिद रज़ा और सहारनपुर से सरफ़राज़ को टिकट मिले पर अखिलेश इसके लिए तैयार नहीं हुए।

 

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से शुरू होने जा रहे पहले चरण के मतदान से पहले सभी राजनीतिक दलों की तरफ से अपने उम्मीदवारों पर गहन मंथन का उनके नामों का एलान किया जा रहा है। इधर, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और आज़म खान के बीच टिकट को लेकर मामला फंस गया है। खबर सामने आ रही है कि आज़म खान और अखिलेश यादव में ठन गई है। आज़म जेल में हैं और वे अपने कई क़रीबियों के लिए टिकट चाहते थे। उन्होंने 12 अपने समर्थकों की लिस्ट दी थी।

लेकिन अखिलेश यादव इसके लिए तैयार नहीं हुए. अब आज़म खान नाराज़ हो गए है। उन्हें लग रहा है कि उनकी बातें नहीं सुनी गईं। उनके साथ समाजवादी पार्टी के कई बड़े मुस्लिम चेहरे भी हैं जिन्हें टिकट नहीं मिला और अखिलेश से नाराज़ हैं। कहा जा रहा है कि आज़म अब इमरान मसूद, क़ादिर राणा जैसे नेताओं के संपर्क में हैं. आज़म चाहते थे कि कांठ से यूसुफ मलिक, मुरादाबाद देहात से सैय्यद आरिज़ मियां, बदायूं से आबिद रज़ा और सहारनपुर से सरफ़राज़ को टिकट मिले पर अखिलेश इसके लिए तैयार नहीं हुए।

Also read:  ब्याज को लेकर आवंटियों का विरोध, आवंटी न्यायालय जाने की तैयारी में

विधानसभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल समेत सपा के दो विधायकों का इस्तीफा

इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष चुने गए नितिन अग्रवाल समेत समाजवादी पार्टी (सपा) के दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। हरदोई सदर सीट से सपा विधायक नितिन अग्रवाल और शाहजहांपुर की जलालाबाद सीट से सपा के ही विधायक शरद वीर सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है।

Also read:  गुजरात में बढ़ा पारा, घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

नितिन ने विधानसभा के उपाध्यक्ष पद से भी बुधवार को इस्तीफा दे दिया। इस सिलसिले में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजे इस्तीफे में कहा है कि वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं। नितिन 2017 के विधानसभा चुनाव में हरदोई सदर सीट से सपा के विधायक चुने गए थे। उनके पिता पूर्व मंत्री नरेश अग्रवाल 2018 में भाजपा में शामिल हो गए थे। उसके बाद से ही नितिन भी बागी हो गए थे।

नितिन को पिछले साल अक्टूबर में प्रदेश की भाजपा सरकार की मदद से विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया था। उस वक्त उन्होंने सपा से त्यागपत्र नहीं दिया था। भाजपा की जन विश्वास रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच साझा कर चुके नितिन अग्रवाल के प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर हरदोई सदर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। इस बीच, शरद वीर सिंह ने इस बार अपना टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

Also read:  24 घंटों में देश में संक्रमण के 2 हजार 151 नए मामले सामने आए

सोशल मीडिया पर वायरल अपने त्यागपत्र में सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाली सपा पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की नीतियों से भटक गई है। सपा विधायक शरद वीर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया कि उनका टिकट काटकर नीरज मौर्य को दे दिया गया है, इसलिए उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया है।