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शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ कांग्रेस के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुलाकात की।

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से मुलाकात के एक दिन बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने रविवार को मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। शनिवार को शिवराज सिंह चौहान और श्री कमलनाथ की मुलाकात के बाद एक राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देते हुए आरोप लगाया था कि टेम तथा सुथालिया सिंचाई परियोजनाओं से बुरी तरह प्रभावित किसानों की दशा पर चर्चा करने के लिए उन्हें समय नहीं दिया गया था। जिस समय वह धरना दे रहे थे उसी समय स्टेट हेंगर पर शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ के बीच मुलाकात हुई थी।

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21 जनवरी को नहीं मिला था समय
दिग्विजय सिंह ने रविवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने के बाद कहा कि वह उनसे मिलने के लिए समय मांग रहे थे लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। दिग्विजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें 21 जनवरी के लिए समय दिया गया था लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे अचानक रद्द कर दिया था। दिग्विजय सिंह ने कहा, मैंने मुख्यमंत्री कार्यालय से बात की थी। अगर अधिकारियों ने मुझे बैठक रद्द करने के बारे में सूचित नहीं किया तो यह मेरी गलती नहीं थी। मैं परियोजना प्रभावित लोगों के मुद्दे पर पहले भी शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख रहा था।

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सरकार नहीं ले रही किसानों की सुध
बैठक में मौजूद कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को सर्वेक्षण में कुछ अनियमितताओं और उन किसानों के मुआवजे के बारे में अवगत कराया, जिनकी भूमि टेम और सुथालिया सिंचाई परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन किसानों की सुध नहीं ले रही है जिनकी फसल पिछले सप्ताह ओलावृष्टि और राज्य के कई हिस्सों में अप्रत्याशित बारिश के कारण बर्बाद हो गई थी।

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राज्य में नहीं मिल रहे उर्वरक और बीज
कमलनाथ ने कहा, किसान परेशान हैं क्योंकि उनकी जमीन बड़ी परियोजनाओं के लिए ली जा रही है,लेकिन उन्हें राज्य में उर्वरक तथा बीज नहीं मिल रहे हैं और न ही उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है।