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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 4 बजे संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेंगे। उनके संसद पहुंचने से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बड़ा बयान दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने गुरुवार यानी आज कहा कि प्रधानमंत्री के आने से क्या होने वाला है? क्या परमात्मा है वो? वे कोई भगवान नहीं हैं।

खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने रूल 167 के तहत मणिपुर पर चर्चा करने की हमारी मध्य रास्ते वाली बात मान ली थी, फ़िर बाद में अपनी बात से पलट गई। प्रधानमंत्री जी के सामने हम मणिपुर पर चर्चा चाहते हैं। फिर भाजपा वाले क्यों कहते हैं कि वो नहीं आएंगे ? प्रधानमंत्री हैं, कोई परमात्मा नहीं हैं ? भगवान नहीं हैं!

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अविश्वास प्रस्ताव का आज तीसरा और आखिरी दिन

लोकसभा में केन्द्र सरकार के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पर चर्चा का आज तीसरा और आखिरी दिन है। आज शाम 4 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे। बता दें कि विपक्ष की ओर से बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पर लोकसभा में 8 अगस्त से बहस जारी है।

पिछले दो दिनों चर्चा के दौरान जहां विपक्षी सांसदों ने सरकार पर जमकर सवाल उठाए तो सरकार की ओर से सासंदों ने भी उन सवालों का करारा जवाब दिया। उम्मीद के मुताबिक, इसी कड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी विपक्षी दलों के सांसदों के सवालों का चुन-चुनकर जवाब देंगे।

पीएम मोदी के भाषण के बाद कराई जाएगी वोटिंग

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में वोटिंग कराई जाएगी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को सदन में पूर्ण बहुमत है, लिहाजा इस अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को कोई खतरा नहीं माना जा रहा है। गौरतलब है कि विपक्ष (कांग्रेस) की ओर से 26 जुलाई को मोदी सरकार (Narendra Modi) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया था।

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ये दूसरी बार है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले मोदी सरकार के खिलाफ पहला प्रस्ताव आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा देने को लेकर 2018 में पेश किया गया था, जिसमें भी विपक्ष को हार का सामना करना पड़ा था।