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देश के भीतर अमीर एवं गरीब के बीच की खाई गहरी हो रही है, जिसे पाटने की जरूरत है। समाज के इन दो हिस्सों के बीच फासला बढ़ा है।समाज के भीतर समाजिक एवं आर्थिक समानता की जरूरत है।

 

 केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और एक समृद्ध देश होने के बावजूद इसकी जनसंख्या गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, जातिवाद, अस्पृश्यता और महंगाई का सामना कर रही है।

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गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि देश के भीतर अमीर एवं गरीब के बीच की खाई गहरी हो रही है जिसे पाटने की जरूरत है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ”हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हैं और पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम एक अमीर देश हैं जिसकी आबादी गरीब है।

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हमारा देश समृद्ध है लेकिन इसकी जनसंख्या गरीब है जो भुखमरी, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, जातिवाद, अस्पृश्यता और कई अन्य मुद्दों का सामना कर रही है जो समाज की प्रगति के लिए ठीक नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इस समय समाज के भीतर समाजिक एवं आर्थिक समानता की जरूरत है। समाज के इन दो हिस्सों के बीच फासला बढ़ा है।

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आर्थिक विषमता भी सामाजिक असमानता की तरह बढ़ी है।” उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि अमीर एवं गरीब की खाई को पाटने के लिए ऐसे अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने देश के 124 आकांक्षी जिलों के विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान भी किया।