English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-26 195825

आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने आम चुनाव में मिली हार का बदला उपचुनाव में ले लिया है।

निरहुआ ने करीब 11 वोटों से चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ ही निरहुआ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है।

निरहुआ ने बिना नाम लिये कहा कि विरासत में मिली सियासत के अहंकार का अंत हो गया है। यह जनता की जीत है।

निरहुआ ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आजमगढ़वासियों आपने कमाल कर दिया है। यह आपकी जीत है। उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही जिस तरीके से आप सबने भाजपा को प्यार, समर्थन और आशीर्वाद दिया, यह उसकी जीत है। यह जीत आपके भरोसे और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत को समर्पित है। निरहुआ को पिछली बार भी भाजपा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह हार गए थे। इस बार उन्होंने बदला ले लिया है।

Also read:  सऊदी क्राउन प्रिंस ने स्पोर्ट्स क्लबों के लिए निवेश और निजीकरण योजना का अनावरण किया

सही साबित हुआ निरहुआ का विश्लेषण

आजमगढ़ में बेहद कम वोटिंग के बाद निरहुआ ने इसे अपने लिए फायदेमंद बताया था। उन्होंने विश्लेषण के साथ बताया था कि कैसे अब उनकी जीत पक्की है। आजमगढ़ में लोकसभा के आम चुनाव में 56.12 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। जबकि उपचुनाव में 50 फीसदी से कम मतदान हुआ है। कम वोटिंग के लिए निरहुआ ने कई कारण गिनाएं और अपनी जीत सुनिश्चित बताई थी।

निरहुआ ने कहा था कि इस चुनाव में योगी जी के कारण बूथ कैप्चरिंग नहीं हुई है। यह बूथ कैप्चरिंग सपा वाले करते रहे हैं। पहले लोग अखिलेश के कारण उग्र हो जाते थे, अब वो स्थिति नहीं है। इस बार अग्रेसिव वोटिंग नहीं हुई है। उनके वोटरों को पता है कि अखिलेश जीतने के बाद भाग गए और धर्मेंद्र भी भाग जाएंगे। इसलिए उनके वोटर कम आए हैं। हमारे पक्ष में ज्यादा वोटिंग हुई है।

Also read:  उत्तराखंड बाढ़ : टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिशें जारी, 14 शव बरामद; 170 लापता

एक अन्य कारण गिनाते हुए निरहुआ ने कहा था कि लोगों को पता है कि ये लोग सत्ता से दूर हैं। इनके जीतने पर भी जिले का विकास नहीं होगा। हमारे जीतने से ही विकास हो सकेगा। इनके दस विधायक हैं लेकिन कोई विकास नहीं हो रहा है। सत्ता से दूर रहने का रोना रोते हैं, अभी तो लंबे समय तक सत्ता से दूर ही रहना है। इसलिए जनता हमें वोट देगी।

Also read:  रूस ने 47 बाद लूना-25 के रूप में अपना अभियान लॉन्च कर दिया, चंद्रयान-3 और लूना-25 दोनों चांद के दक्षिणी हिस्से पर उतरेंगे