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सीएम शिवराज का काफिला जब नेहरू नगर के शबरी तिराहे से गुजर रहा था, तो उस वक्त कुछ लोग कतार में पानी के बर्तन लिए हुए सड़क के किनारे मौजूद थे, जिसे देखकर उन्होंने काफिला रुकवा दिया।

 

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के कई इलाकों में पानी का संकट गहराता जा रहा है। खासकर नेहरू नगर कोटरा, निषाद नगर, बेरसिया रोड और इसके आसपास जुड़ी कई रहवासी कॉलोनियां इस समय भीषण जल संकट के दौर से गुजर रही हैं। साथ ही साथ राजधानी के कई इलाकों में नगर निगम की तरफ से पीने का पानी वितरित किया जा रहा है, वह बड़ा ही दुर्गंध युक्त और मटमैला है, जिसके कारण लोगों में आक्रोश है। ऐसा ही एक नजारा देखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) आम जनता से बात करने के लिए अपने आप को रोक न सके।

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दरअसल सीएम शिवराज सिंह चौहान का काफिला जब नेहरू नगर के शबरी तिराहे से गुजर रहा था, तो उस वक्त कुछ लोग कतार में पानी के बर्तन लिए हुए सड़क के किनारे मौजूद थे। उन्हें देखकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने काफिला रुकवाया और लोगों से पानी की समस्या को लेकर बातचीत की। मौके पर ही स्थानीय लोगों ने अपनी समस्या से सीएम को अवगत कराया, जिसपर तत्काल प्रभाव से उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को समस्या को जल्दी सुलझाने के लिए आदेश किया।

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अधिकारियों को दी जा चुकी है चेतावनी

भोपाल शहर के 50% हिस्से में पेयजल संकट पिछले कुछ दिनों से बढ़ता ही जा रहा है, जिसको लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह सिसोदिया और भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा और दूसरे कई कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से बातचीत की है। कई अधिकारियों को उनकी निष्क्रियता के लिए चेतावनी भी दी गई है, लेकिन फिर भी भोपाल की जनता अभी तक पेयजल संकट के इस दौर से उबर नहीं पा रही है। दूसरी ओर जिन इलाकों में पानी प्राप्त हो रहा है, वहां से भी बदबूदार और गंदे पानी होने की शिकायतें मिल रही है, जिससे की आम जनता में आक्रोश है।

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