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जांच समिति ने अदालत के बताया कि 29 मोबाइल उपकरणों की जांच की गई है सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जांच पूरी करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है

 

 पेगासस जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जांच पूरी करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है। अदालत के पूर्व न्यायाधीश आरवी रवींद्रन की अध्यक्षता वाली समिति ने अदालत को सूचित किया कि कई पत्रकारों और विशेषज्ञों के साथ बातचीत के अलावा 29 मोबाइल उपकरणों की जांच की गई है। वहीं कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। तकनीकी समिति के मई के अंत तक पेगासस निरीक्षण पैनल को अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है, जिसके बाद 20 जून तक शीर्ष अदालत में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। गौरतलब है कि जांज समिति ने 18 अप्रैल को लिखे एक पत्र में सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को यह निर्दिष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्या उन्होंने इजरायली स्पाइवेयर खरीदा है।

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पेगासस सॉफ्टवेयर इजरायल स्थित एनएसओ ग्रुप टेक्नोलॉजीज द्वारा बनाया गया है। ये विवाद पिछले साल न केवल भारत में बल्कि अन्य देशों में भी सामने आया था। उस समय, सॉफ्टवेयर निर्माता ने कहा था कि वह अपनी सेवाएं केवल सरकारों को देती है। जांच से पता चला था कि पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, राजनीतिक रणनीतिकारों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, अल्पसंख्यक नेताओं, अनुसूचित जाति के न्यायाधीशों, धार्मिक नेताओं और केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रमुखों पर किया गया था।

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