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प्रयागराज के बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की शुक्रवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई।

 

पुलिस ने यह जानकारी दी। धूमनगंज थानाक्षेत्र में उमेश पाल के घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने बम और गोली से उन पर हमला किया। इस हमले में उमेश पाल के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए।

उमेश की हत्या मामले में उनकी पत्नी जया पाल ने अहमदाबाद जेल में बंद माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, बरेली जेल में बंद भाई पूर्व विधायक अशरफ, अतीक के बेटों, मोहम्मद मुस्लिम और अतीक के अन्य सहयोगियों के खिलाफ साजिश, हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में धूमनगंज थाने में एफआइआर लिखाई है।

पुलिस ने अतीक के दो बेटों को रात में ही हिरासत में ले लिया था। बाकी दो बड़े बेटे उमर और अली पहले से लखनऊ तथा नैनी की जेल में बंद है। बता दें कि कि अतीक के पांच बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा अभी नाबालिग है। सूचना मिल रही है कि पुलिस ने माफिया की पत्नी शाइस्ता को भी पकड़ लिया है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो रही है।

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प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने पत्रकारों को बताया की आज शाम को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि किसी मामले में पैरवी कर रहे उमेश पाल पर हमला हुआ। उनके अनुसार सरकार की ओर से उन्हें दो सुरक्षाकर्मी दिए गए थे और वे भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए।

शर्मा ने बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में उमेश पाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमेश पाल के सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की भी देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि दूसरे सुरक्षाकर्मी राघवेंद्र सिंह का इलाज चल रहा है। पुलिस आय़ुक्त ने बताया कि यह घटना उमेश पाल के घर के बाहर हुई। उनका कहना है कि प्रारंभिक सूचना के मुताबिक उमेश पाल पर दो बम फेंके गए और एक छोटे हथियार से गोली चलाई गई।

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उनके मुताबिक परिजन धूमनगंज थाना में तहरीर दे रहे हैं जिसके आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए आठ से दस टीम लगा दी गई हैं और ये टीम अलग-अलग जगह गई हुई हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाया जा रहा है कि हमलावर कितनी संख्या में थे।

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इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘यह है उत्तर प्रदेश में ‘एनकाउंटर सरकार’ की झूठी छवि का ‘सच्चा एनकाउंटर’, जहां इलाहाबाद में सरेआम एक हत्याकांड के गवाह सहित दो पुलिसकर्मियों को बम-गोली से भून दिया गया। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के तहत ऐसी सुरक्षा एवं क़ानून-व्यवस्था में आम जनता भयभीत है।’

उल्लेखनीय है कि राजू पाल बहुजन समाज पार्टी के विधायक थे और 2005 में उनकी हत्या कर दी गयी थी। उमेश पाल उस हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। राजू पाल की हत्या में मुख्य आरोपी माफिया अतीक अहमद है जो गुजरात की एक जेल में निरुद्ध है।