English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-03-09 113522

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में राम और बाम (बीजेपी और वामपंथी) ने हाथ मिलाया है। लेकिन यह राज्य दिखाएगा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को कैसे हराया जाए।

 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि जिस दिन लोगों को एक उचित विकल्प मिल जाएगा, उस दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा। बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी और अन्य विपक्षी खेमों को वैकल्पिक ताकत बनाने के लिए एक साथ आना चाहिए।

Also read:  पेरिस जलवायु समझौते को पांच साल पूरे, जानें इसके प्रति भारत अपनी प्रतिबद्धता में कहां खड़ा है

उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी अब भी सत्ता में इसलिए है क्योंकि कोई विकल्प नहीं बचा है। जिस दिन विकल्प मिल जाएगा उसे बाहर कर दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने यह घोषणा पार्टी के तीसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर की है।

ममता ने पांच मई से एक जन संपर्क कार्यक्रम शुरू करने की बात कही और कहा कि यह 21 जुलाई तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में राम और बाम (बीजेपी और वामपंथी) ने हाथ मिलाया है। लेकिन यह राज्य दिखाएगा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को कैसे हराया जाए।

Also read:  सऊदी वित्त मंत्री ने सिंगापुर वार्ता में हरित वित्तपोषण पर चर्चा की

पिछले महीने ही पार्टी अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचित हुईं थी ममता

वहीं ममता ने बीजेपी को ‘दंगाइयों की पार्टी’ बताते हुए कहा कि सोमवार को विधानसभा में इसके सदस्यों द्वारा किया गया हंगामा ‘अभूतपूर्व’ था।  पिछले महीने पार्टी अध्यक्ष के तौर पर पुन: निर्वाचित बनर्जी ने नयी राज्य समिति का गठन किया जिसमें ज्यादातर उनके वफादार शामिल हैं। पार्टी में पुराने नेताओं और युवा नेताओं के बीच सत्ता को लेकर चल रहे कथित संघर्ष के बीच यह समिति गठित की गयी है।

Also read:  लद्दाख में LAC पर भारतीय सीमा में पकड़े गए चीनी सैनिक को लौटाया गया

प्रशांत किशोर भी थे मंच पर मौजूद

टीएमसी सुप्रीमो ने सुब्रत बख्शी को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष और पार्थ चटर्जी को दोबारा महासचिव नियुक्त किया। उन्होंने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा और 19 प्रदेश महासचिवों समेत करीब 20 उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए। वहीं इस बैठक में तल्खी की बैठक में टीएमसी के राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर भी मौजूद थे और उन्हें पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए देखा गया।