English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-03-09 143508

 छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई कड़े फैसले ले रही है। मुंगेली जिला प्रशासन ने नर्सिंंग होम एक्ट का पालन नहीं करने पर जिला मुख्यालय में संचालित जीवन ज्योति अस्पताल का लाईसेंस निरस्त किया गया है। यह कार्यवाही कलेक्टर राहुल देव ने जिला स्तरीय जांच टीम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर की है।

 

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने जीवन ज्योति अस्पताल में बिना डिग्री के ईलाज किए जाने संबंधी शिकायत को गंभीरता से लिया था और जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर संबंधित अस्पताल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।

Also read:  आज से शुरू होगी महाराष्ट्र बोर्ड की परीक्षाएं, कोरोना गाइड लाइन का रखना होगा ध्यान

जांच टीम ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि मरीजों के हितों को ध्यान में न रखते हुए और उनके जान की परवाह न करते हुए जीवन ज्योति अस्पताल द्वारा नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। जांच टीम ने बताया कि जीवनज्योति हास्पिटल द्वारा केवल हास्पिटल (एलोपैथी) के लिए लाईसेंस लिया गया है ना कि मेटरनिटि के लिए। किन्तु वहाँ सिजेरियन ऑपरेशन हो रहा है। डॉ० रामकृष्ण साहू आयुर्वेदिक डॉक्टर है, जिनकी सेवा आरएमओ के रूप में लिया जा रहा है। जिनका छ.ग. आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धती व प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड मे डिग्री पंजीकृत नहीं है। निश्चेतना विशेषज्ञ द्वारा ऑपरेशन में निश्चेतना ना दिये जाने उपरांत भी निश्चेतना विशेषज्ञ का नाम लिखा जा रहा है।

Also read:  पी चिदंबरम के 10 ठिकानों पर CBI की छापेमारी, छापेमारी में उन्हें कुछ भी नहीं मिला और कुछ भी जब्त नहीं किया गया

जीवनज्योति हास्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का नाम लिखा जा रहा है। जबकी उनके द्वारा ऑपरेशन नहीं किया गया है। हास्पिटल में निरिक्षण के दौरान पाया गया कि हास्पिटल में अवैध रूप से पैथोलैब का संचालन किया जा रहा है, जो कि छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह रोगोगपचार संबंधि स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम के विपरित है।

Also read:  दिल्ली एम्स में आग लगने की खबर के बाद मचा हड़कंप

जीवनज्योति हास्पिटल में कार्यरत चिकित्सक डॉ० सुधा बोरकर अपना त्यागपत्र दे चुकी है। वर्तमान में संस्था चिकित्सक विहिन हो गया है। जो कि नर्सिंग होम एक्ट नियम के विपरित है। कलेक्टर ने उक्त प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्यवाही की है। बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक 28 फरवरी को आयोजित की गई थी। जिसमें समिति के सदस्यों के द्वारा सर्वसम्मति से जीवन ज्योति अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया गया था।