English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-16 145859

रूस-यूक्रेन युद्ध को 50 दिन हो चुके हैं।रूस लगातार यूक्रेन के शहरों पर बमबारी कर रहा है। दुनिया भर में बूचा नरसंहार की कड़ी निंदा की जा रही है लेकिन हर रोज रूसी सैनिकों की बर्बरता से जुड़े किस्से सामने आ रहे हैं।

कहा जा रहा है कि अब रूसी सैनिक आम लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि रूस पर लगाए गए मौजूदा प्रतिबंध उसके लिए ”कष्टकारी” हैं, लेकिन ये रूसी सेना को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

Also read:  आनंद मोहन सहरसा जेल से रिहा, 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन डीएम कृष्णैया की हुई हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे

यूरोप रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर है

जेलेंस्की ने ”लोकतांत्रिक दुनिया” से रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाने की अपील की। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जहां इस तरह का प्रतिबंध लगाया है, वहीं यूरोप रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर है, जबकि बाइडन प्रशासन भारत को रूसी ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने से रोकने का प्रयास कर रहा है।जेलेंस्की ने शुक्रवार रात राष्ट्र के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ”लोकतांत्रिक दुनिया को यह स्वीकार करना चाहिए कि ऊर्जा संसाधनों के लिए रूस को मिलने वाला धन वास्तव में लोकतंत्र के विनाश के लिए इस्तेमाल होने वाला धन है।”

Also read:  मुंबई के बांद्रा में जी+2 संरचना के गिरने से 1 की मौत, 16 घायल

युद्ध उतनी ही जल्दी समाप्त हो जाएगा

उन्होंने कहा, ”लोकतांत्रिक दुनिया जितनी जल्दी यह समझ लेगी कि रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाना और उसके बैंकिंग क्षेत्र को पूरी तरह से अवरुद्ध करना शांति के लिए आवश्यक कदम है, युद्ध उतनी ही जल्दी समाप्त हो जाएगा।”

Also read:  महाराष्ट्र में सियासत एक बार फिर से उबाल मारने लगी, NCP पार्टी कभी भी टूट सकती