English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-08-28 120155

राजस्थान के करौली जिले के कुडगांव थाना इलाके में एक युवक से बुरी तरह से मारपीट कर उसकी हत्या (Brutally murdered) कर दी गई। हत्या का आरोप इलाके के दो हिस्ट्रीशीटर और उनके साथियों पर लगा है।

 

बदमाश युवक को मारपीट करके जंगल में छोड़ गये थे। सूचना पर परिजनों ने मौके पर पहुंचकर युवक को वहां से उठाया और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।  लेकिन वहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव को उठाने से इनकार कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि बदमाशों युवक के साथ लाठी डंटों से मारपीट की। बाद में गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया। युवक के पैरों में गोली (Shot) भी मारी गई है। वारदात के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गये हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन का अमला ग्रामीणों से समझाइश में जुटा है।

Also read:  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्तिकेय सिंह से कानून मंत्रालय वापस ले लिया, हैशमीम अहमद को कानून विभाग का प्रभार सौंप दिया

कुडगांव थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि शनिवार देर शाम कुछ बदमाश लेदिया निवासी मोनू उर्फ हरिनारायण (27) को खूबपुरा गांव के जंगल में मारपीट कर घायलवस्था में पटककर फरार हो गये। इसकी सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और मोनू को लेकर गंगापुर के एक निजी हॉस्पिटल में उपचार के लिए भर्ती कराया। लेकिन उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। बाद में वारदात की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने युवक के शव को करौली हॉस्पिटल लाकर मोर्चरी में रखवाया है।

Also read:  झारखंड के पाकुड़ में हुआ बड़ा हादसा, गैस सिलेंडर से भरा ट्रक बस से भिड़ा, आठ से ज्यादा लोगों की मौत

दो दिन पहले बहन के घर गया था मोनू

परिजनों का आरोप है कि मोनू उर्फ हरिनारायण 2 दिन पूर्व अपनी बहन के पास गया था। शनिवार शाम को सनेट गांव से लौटते समय इलाके के हिस्ट्रीशीटर पीएल भड़क्या और लाला कोडिया ने साथियों ने मोनू से मारपीट की। बाद में उसे घायलवस्था में खूबपुरा के जंगलों में छोड़ गये। मोनू के घायल होने की सूचना उनको फोन पर मिली। उसके बाद वे मोनू को लेकर गंगापुर के निजी अस्पताल पहुंचे। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने एफएसएल की टीम से घटनास्थल से साक्ष्य उठवाये हैं। प्रारंभिक जांच में उनके बीच कोई विवाद होने की बात सामने आ रही है। विवाद क्या था इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

Also read:  धर्मांतरण विरोधी कानून को और सख्त बनाएगी महाराष्ट्र सरकार- देवेंद्र फडणवीस

बड़ी संख्या में अस्पताल में जुटे ग्रामीण

आक्रोशित परिजनों ने हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया है। रविवार को सुबह इसकी सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल में एकत्रित हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना पर डीएसपी मनराज मीणा सहित अतिरिक्त पुलिस बल हॉस्पिटल पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण नहीं मानें हैं। वे अपनी मांग पर अड़े हुये हैं।