English മലയാളം

Blog

अदालत ने सिंघु  बॉर्डर पर पुलिस के साथ बदसलूकी करने के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को जमानत दे दी है। अदालन ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर यह जमानत दी है। अब वह आज शाम या कल तक रिहा हो सकते हैं। मनदीप ने स्वयं को फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया था।

वहीं पुलिस ने उस पर लोगों को भड़काने व कामकाज में बाधा पंहुचाने का आरोप लगाते हुए जमानत आवेदन पर विरोध जताया था। रोहिणी अदालत के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला मंगलवार को सुनने का निर्णय किया था, जिस पर फैसला सुनाते हुए उन्होंने मनदीप को जमानत दे दी।

Also read:  ट्रंप का समर्थन करने वाली QAnon कॉन्सपिरेसी थ्योरी से जुड़े 70,000 अकाउंट Twitter ने किए सस्पेंड

स्वतंत्र पत्रकार पूनिया को पुलिस ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। उस पर पुलिस के साथ बदसलूकी करने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों को भड़काने और नारे लगाने का आरोप है। उसे सिंघु बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था।

Also read:  पटना के विश्वेश्वरैया भवन में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां पहुंची

अभियोजन पक्ष ने उसकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि उसने अपनी पहचान छुपाई और अपने सहयोगियों के साथ जबरन बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। आरोपी अपने सहयोगियों के साथ नारेबाजी करता रहा।

इस दौरान हुई हिंसा व मारपीट में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटे आई है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जाए क्योंकि वह साक्ष्य को मिटाने की कोशिश कर सकता है और फिर से गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है।

Also read:  IPL 2022 का आज होगा आगाज, सीएसके और केकेआर के बीच होगा पहला मैच

वहीं पुनिया ने अपनी जमानत याचिका में कहा है की उसकी  बुर्जुग मां की देखभाल उसी के जिम्मे है। पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है ताकि अन्य आरोपियों को बचाया जा सके। इसके अलावा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिसे वह प्रभावित कर सकता है।