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केरल की पिनराई विजयन सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सत्र में मुख्यमंत्री ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने अपना पूरा समर्थन दिया। विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की वास्तविक चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए और केंद्र को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए।

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इससे पहले प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, ‘वर्तमान स्थिति यह स्पष्ट करती है कि यदि किसानों का आंदोलन जारी रहा, तो यह केरल को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि अगर अन्य राज्यों से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बंद हो जाती है तो केरल में भुखमरी हो जाएगी।’

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प्रस्ताव में कहा गया है कि देश एक कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है और आंदोलनकारी किसानों के साथ खड़ा होना राज्य सरकार का कर्तव्य है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि आंदोलन खराब मौसम के बीच हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘तीनों कानून केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों की मदद करेंगे।’

कांग्रेस और अन्य सभी दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया है। कांग्रेस के उपनेता केसी जोसेफ ने सदन बुलाने की अनुमति देने में देरी के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की आलोचना की। भाजपा के एकमात्र विधायक ओ राजगोपाल भी सत्र में भाग ले रहे हैं। कृषि कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश करने के लिए यह एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है।

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