English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-20 094501

यूपी में राज्य कर्मियों के लिए सालाना तबादला नीति जल्द आने वाली है। इस बार अधिकतर ऑनलाइन तबादले किए जाएंगे। मेरिट के आधार पर अच्छे काम करने वालों को मनचाहे जिलों में तैनाती दी जाएगी।

 

इसके लिए उनसे ऑनलाइन विकल्प लिए जाएंगे। तीन साल से एक ही जिले में कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे।

Also read:  सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा सरकार को राहत, प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षित रखने के कानून पर हाईकोर्ट की रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई

कार्मिक विभाग ने इसके लिए प्रारूप तैयार कर लिया है और कैबिनेट मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। राज्य सरकार हर साल तबादला नीति लाती है। इसके लिए सभी विभागों से मानव संपदा पोर्टल पर अधिकारियों और कर्मचारियों का ब्यौरा ऑनलाइन कराया जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक समूह ‘क’ व ‘ख’ के जो अधिकारी अपने सेवाकाल में एक ही जिले में तीन साल और मंडल में सात वर्ष पूरा करने वाले इसके दायरे में आएंगे।

Also read:  भूपेंद्र पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को लेंगे शपत, कई मंत्रियों की होगी वापसी

समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह मंडल और समूह ‘ख’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात न करने का प्रस्ताव है। स्थानांतरित अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या 20 प्रतिशत तक ही रखने का विचार है।

Also read:  सोमवार से रुलाएगी महंगाई, खाने की वस्तुओं और अस्पताल का बढ़ेगा खर्चा