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एक दिन पहले शुक्रवार को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भूकंप का झटका आने के बाद अब शनिवार को उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। शनिवार सुबह 11:27 पर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य हिस्सों में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी और तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.3 मापी गई है।

भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग अपने घर दुकानों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन विभाग भूकंप के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने में जुटा है। फिलहाल भूकंप से कहीं किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

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शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर उत्तराखंड की धरती भूकंप के झटके से डोल उठी थी। बागेश्वर में शुक्रवार की सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.3 मापी गई थी। सभी तहसील और थानों को सूचित कर दिया गया था। किसी नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई।

भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड संवेदनशील है। बागेश्वर जोन फाइव में आता है और भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

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पिछले माह दिसंबर की पहली तारीख को भी सुबह उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र बहादराबाद ब्लॉक के औरंगाबाद क्षेत्र का डालूवाला कलां गांव था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ था।

आपदा प्रबंधन विभाग के सलाहकार डॉ. हरिबल्लभ कुनियाल के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह करीब 9.41 बजे लगभग डेढ़ से दो सेकेंड तक महसूस किए गए थे और इसकी गहराई करीब 40 किलोमीटर नीचे थी। भूकंप 30.3 अक्षांतर और 77.95 देशांतर पर था।

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उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के पूर्वानुमान की अब और अधिक सटीक जानकारी मिलेगी। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई और यूसर्क की ओर से देहरादून के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में राज्य का पहला रेडान सेंटर स्थापित किया गया है।