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11_01_2023-apollo_hospital_indore_11

अपोलो अस्पताल समूह दो महीने में इंदौर में एक और नया अस्पताल शुरू करेगा। इतना ही नहीं, यह समूह छह महीने में इंदौर में कैंसर के उपचार के लिए सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल भी खोलने जा रहा है।

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले दिन अपोलो अस्पताल समूह के चेयरमैन डा. हरिप्रसाद ने यह घोषणा की। हालांकि, उन्होंने प्रदेश सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि हेल्थ सेक्टर की बेहतरी और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए इंदौर में कनेक्टिविटी को बेहतर करने की जरूरत है।

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के बाद हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल सेक्टर पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में इंदौर में हो रहे इस निवेश की घोषणा हुई। चर्चा में डा़. हरिप्रसाद के साथ हिंदूजा हास्पिटल के चीफ आपरेटिंग आफिसर जाय चक्रवर्ती, इप्का लैबोरेटरीज के एमडी पीसी गोधा, ल्युपिन फार्मास्यूटिकल कंपनी के केआर गुप्ता, टोरंट फार्मा के हंसमुख पटेल, फिलिप्स मेडिकल इक्युपमेंट के पीयूष कौशिक शामिल थे। चर्चा में मप्र सरकार की ओर से चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी के साथ एडिशन चीफ सेक्रेटरी मोहम्मद सुलेमान और स्वास्थ्य सचिव जान किंग्सले भी मौजूद थे।

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देश की हर छठी दवा कंपनी मप्र में

सुलेमान ने सरकार के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश की हर छठी दवा कंपनी मप्र में है। वित्त वर्ष 2022 में मप्र से कुल 10782 करोड़ का दवाओं का निवेश हुआ। उन्होंने उज्जैन में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क और प्रदेश में फार्मा व हेल्थकेयर उद्योग को दी जा रही इंसेंटिव स्कीम की जानकारी दी। एसीएस ने कहा कि सरकार जमीन लगभग ना के बराबर दामों पर दे रही है। इसके बाद अपोलो अस्पताल के चेयरमैन ने सुझाव दिया कि किसी भी सौ बिस्तरों के अस्पताल को तीन एकड़ से कम जमीन पर नहीं बनाया जा सकता। इंदौर जैसे शहर में इतनी जमीन नहीं मिल पाती। इप्का लैब के संचालक पीसी गोधा ने कहा कि एंटी मलेरिया दवा के निर्माण में इंदौर विश्व में नंबर वन है। दवा कंपनियों के सामने बड़ा मुद्दा अब इंटरमीडिएट और बल्क ड्रग की उपलब्धता है। सरकार को इनकी उपलब्धता पर ध्यान देना चाहिए।

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कास्मेटिक क्षेत्र में निवेश कर रही टोरंट

दवा कंपनी टोरंट फार्मा अब कास्मेटिक आइंटमेंट और दवाओं के निर्माण क्षेत्र में उतर रही है। कंपनी के प्रमुख हंसमुख पटेल ने कहा कि इसके आरएंडडी में कंपनी निवेश कर चुकी है। 400 लोग काम कर रहे हैं। 200 लोगों को और जल्द ही नियुक्त कर इस क्षेत्र के उत्पादों का इंदौर से निर्माण शुरू किया जाएगा। फिलिप्स मेडिकल डिवाइस कंपनी के पीयूष कौशिक ने सुझाव दिया कि बंदरगाह की कमी प्रदेश से लाजिस्टिक लागत को बढ़ाती है। ऐसे में सरकार को इसकी भरपाई के लिए कोई योजना जारी करना चाहिए। मंत्री विश्वास सारंग ने सभी को आश्वस्त किया कि उद्योगों की हर जरूरत सरकार पूरी करने के लिए तैयार है।