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चारधाम यात्रा के लिए देश-विदेश से उमड़ रही यात्रियों की भीड़ के कारण पंजीकरण के सारे स्लॉट फुल हो चुके हैं। केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए जून पहले हफ्ते तक के पंजीकरण बुक हो चुके हैं। बदरीनाथ धाम के लिए भी 20 मई से पहले का रजिस्ट्रेशन नहीं मिल रहा है।

पंजीकरण नहीं हो पाने के कारण देश के अलग-अलग राज्यों से हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे यात्री परेशान हैं। चारधाम यात्रा की प्रक्रिया में अव्यवस्था के विरोध में रविवार को ऋषिकेश में गुस्साए यात्रियों ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

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हेली सेवा भी फुल : गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) की प्रबंध निदेशक स्वाति भदौरिया ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीसेवा के सभी टिकट पांच जून तक के लिए बुक हो चुके हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए देहरादून से गौचर और चिन्यालीसौड़ तक उड़ान सेवा के तहत संचालित हेलीसेवा का लाभ देने का विकल्प है। केदारनाथ धाम के लिए तीसरे चरण की बुकिंग 21 मई से शुरू होगी।

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बिना पंजीकरण के ऋषिकेश से आगे प्रवेश नहीं : पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि बिना पंजीकरण के श्रद्धालुओं को अब ऋषिकेश से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने तीर्थ यात्रियों को पंजीकरण के बाद ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी।

बदरीनाथ कम पहुंच रहे यात्री : रविवार को केदारनाथ धाम में 17,524 यात्रियों ने बाबा के दर्शन किए। इसमें से 10,095 पुरुष, 7188 महिलाएं व 240 बच्चे शामिल रहे। धाम में अब तक कुल 1,86,668 यात्री दर्शन कर चुके हैं। भीड़ के कारण फाटा से सोनप्रयाग तक करीब आठ किमी क्षेत्र में यात्री कई घंटे तक जाम में फंसे रहे।

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उधर, बदरीनाथ धाम में निर्धारित संख्या से कम यात्री पहुंच रहे हैं। धाम के लिए रोजाना 16 हजार यात्रियों की संख्या निर्धारित की गई है। जबकि धाम में रविवार को 14479 श्रद्धालु ही धाम में दर्शन को पहुंचे। यहां दर्शन के लिए दो से तीन किमी लंबी लाइन प्रतिदिन लग रही है। वीआईपी दर्शन यहां भी पूरी तरह रोक दिए गए हैं।