English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-05 095740

मुंबई में एसबीआई एटीएम सेंटर को लूटने और आग लगाने के आरोप में 2 कैश लोडर को गिरफ्तार किया है।

मुंबई में गोरेगांव पूर्व वनराई पुलिस ने एसबीआई एटीएम सेंटर को लूटने और सबूत मिटाने के आरोप में 2 कैश लोडर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी एटीएम में कैश लोड के बहाने कंपनी को 77 लाख का चूना लगा गए. वारदात का किसी को शक न हो इसलिए एटीएम सेंटर में भी आग लगा दी गई।

 

वनराई पुलिस की जांच के दरम्यान एटीएम में लगे अग्निरोधक बॉक्स से इनकी पोल खुल गई। जिसके बाद एटीएम में कैश लोडर गिरफ्तार है और दोनों को 5 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में रखने के आदेश दिया है। दरअसल, 10 फरवरी की सुबह 10 बजे गोरेगांव पूर्व आरपीएफ सेंटर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम मशीन में अचानक आग लगने की सूचना मिली जिसके बाद वनराई पुलिस मौके पर पहुंची और जैसे तैसे आग को बुझाने में कामयाब हुई। यह आग एक साजिश के तहत लगाई गई थी।

Also read:  Raju Shrivastava: कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की सेहत को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई, तबीयत में सुधार देखने को मिल रहा

कैश बॉक्स में नहीं मिला एक भी रुपया

आग बुझने के बाद राइटर कंपनी ने पुलिस को बताया कि आग लगने से पहले एटीएम मशीन में उनके कर्मचारियों ने 77 लाख रुपये लोड किए हैं। वनराई पुलिस स्टेशन की क्राइम पीआई राणी पूरी और उनके सहयोगी कांस्टेबल ने एटीएम मशीन एक्सपर्ट की मदद से जब एटीएम मशीन के अंदर लगे कैश बॉक्स को खोला तो हैरान करने वाली जानकारी मिली।

Also read:  उत्तर भारत के कुछ राज्यों में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही

राइटर कंपनी ने बताया गया कि एटीएम कैश लोडर रितिक यादव (19) और प्रवीण पेंकलकर (35) दोनों 10 दिन पहले से ही एटीएम बंद होने और एटीएम से पैसे नहीं निकलने की शिकायत की थी। जिसके बाद दोनो ने कंपनी के मुख्य कार्यालय से एटीएम का पासवर्ड लेकर एक हफ्ते पहले ही कंपनी से विश्वासघात करके एटीएम से 77 लाख रुपये निकाल लिए थे। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने और वारदात को छुपाने के लिए इन दोनों ने योजना बनाई और एटीएम में आग लगा दी।

Also read:  देश में बड़ा कोरोना पिछले 24 घंटे में 7,495 नए केस आए सामने

कैसे हुआ वारदात का खुलासा

एटीएम एक्सपर्ट ने जब मशीन की जांच की जो जली हुई थी लेकिन कैश बॉक्स बंद था। जब मशीन खोली गई तो उन्होंने पाया कि कैश बॉक्स में कैश नहीं था। खाली बॉक्स में ना तो जली नोट के टुकड़े मिले और ना राख मिली। जबकि एटीएम सेंटर का डीवीआर जल गया था, कोई फुटेज उपलब्ध नहीं था लेकिन मशीन में लगे कैसेट अग्निरोधक थे जिससे यह खुलासा हो गया कि कैश लोडर ने एटीएम से लूट की वारदात को अंजाम दिया है।